Correct Answer:
Option C - पृथक सीवर प्रणाली (Seprate Sewer System)-
(1) पृथक प्रणाली अपनानी सरल है, क्योंकि वाहित मल के लिये अलग से कम व्यास के सीवर पाइप डाले जाते हैं और वर्षा जल को खुली नालियों में छोड़ दिया जाता है।
(2) सीवेज की मात्रा तूफानी जल की तुलना में बहुत कम होती है, अत: सीवेज उपचार संयन्त्र पर कम भार पड़ता है।
(3) घरेलू सीवेज की मात्रा में, 24 घण्टों में बहुत अधिक परिवर्तन होता है अत: न्यूनतम प्रवाह के समय सीवर में स्वत: शोधी वेग उत्पन्न नहीं हो पाता है और यह प्राय: अवरूद्ध हो जाती है।
संयुक्त सीवर प्रणाली (Combined Sewer system)- इस व्यवस्था में सैनिटरी सीवेज और तूफानी जल को एक ही सीवर में प्रवाहित किया जाता है।
C. पृथक सीवर प्रणाली (Seprate Sewer System)-
(1) पृथक प्रणाली अपनानी सरल है, क्योंकि वाहित मल के लिये अलग से कम व्यास के सीवर पाइप डाले जाते हैं और वर्षा जल को खुली नालियों में छोड़ दिया जाता है।
(2) सीवेज की मात्रा तूफानी जल की तुलना में बहुत कम होती है, अत: सीवेज उपचार संयन्त्र पर कम भार पड़ता है।
(3) घरेलू सीवेज की मात्रा में, 24 घण्टों में बहुत अधिक परिवर्तन होता है अत: न्यूनतम प्रवाह के समय सीवर में स्वत: शोधी वेग उत्पन्न नहीं हो पाता है और यह प्राय: अवरूद्ध हो जाती है।
संयुक्त सीवर प्रणाली (Combined Sewer system)- इस व्यवस्था में सैनिटरी सीवेज और तूफानी जल को एक ही सीवर में प्रवाहित किया जाता है।