Explanations:
चंपारण सत्याग्रह गांधी जी द्वारा 1917 ई. में बिहार के चंपारण जिले से प्रारम्भ किया गया था। इस आन्दोलन का मुख्य कारण नील के खेतों में काम करने वाले किसानों पर यूरोपीय मालिक का अत्याचार तथा किसानों को अपनी जमीन के कम से कम 3/20 भाग पर नील की खेती करना और उन मालिकों द्वारा तय दामों पर उन्हें बेचना पड़ता था। इसे ‘तिनकठिया पद्धति’ भी कहा जाता है। लार्ड कार्नवालिस द्वारा 1793 ई. में जमींदारी इस्तमरारी बन्दोबस्त की शुरूआत की गयी। इस व्यवस्था के अन्तर्गत जमींदारों और तालुकदारों को भूमि का स्वामी मान लिया गया था इनको कर लगान संग्रह का अधिकार प्रदान कर दिया गया। इस व्यवस्था के अंतर्गत जमींदारों को लगान प्रतिवर्ष जमा करना पड़ता था। इस व्यवस्था में लगान का 10/11 भाग सरकार का तथा 1/11 भाग जमींदारों का निश्चित किया गया। यह व्यवस्था बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश के वाराणसी आदि क्षेत्रों में लागू की गयी।