Correct Answer:
Option A - जलाशयों में सिल्टिंग प्रक्रिया:–जलाशयों मे आने वाला नदी का पानी अपने साथ कुछ सिल्ट लेकर आता है। महीन सिल्ट भार निलम्बन मे तथा मोटी सिल्ट व ग्रेवल इत्यादि तली में रोलिंग (Rolling) भार के रूप मे होता है।
∎ बांढ़ के समय मे नदी का वेग बहुत अधिक होता है जिससे पानी की सिल्ट ले जाने की क्षमता बढ़ जाती है और नदी अपने किनारे काट लेती है तथा नदी के पानी मे अधिक सिल्ट आती है।
∎ सिल्टिंग की प्रक्रिया प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती है और मानव जनित रूप से प्रभावित होती है।
सिल्टिंग कम करने के उपाय:-
(i) रोग उपचार विधियाँ
(ii) निरोधक अर्थात रोकथाम उपाय
A. जलाशयों में सिल्टिंग प्रक्रिया:–जलाशयों मे आने वाला नदी का पानी अपने साथ कुछ सिल्ट लेकर आता है। महीन सिल्ट भार निलम्बन मे तथा मोटी सिल्ट व ग्रेवल इत्यादि तली में रोलिंग (Rolling) भार के रूप मे होता है।
∎ बांढ़ के समय मे नदी का वेग बहुत अधिक होता है जिससे पानी की सिल्ट ले जाने की क्षमता बढ़ जाती है और नदी अपने किनारे काट लेती है तथा नदी के पानी मे अधिक सिल्ट आती है।
∎ सिल्टिंग की प्रक्रिया प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती है और मानव जनित रूप से प्रभावित होती है।
सिल्टिंग कम करने के उपाय:-
(i) रोग उपचार विधियाँ
(ii) निरोधक अर्थात रोकथाम उपाय