Explanations:
स्थानीय आकर्षण (Local attraction) : चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छन्द एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिये, परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते हैं। स्थानीय आकर्षण के कारण दिक्मान शुद्ध प्राप्त नहीं होते हैं। ∎ स्थानीय आकर्षण से प्रभावित स्टेशन पर पश्च व अग्र दोनों दिक्मान में त्रुटि आ जाती है, परन्तु रेखाओं का अन्तर्गत कोण (Included angle) त्रुटि से मुक्त रहता है।