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Q: Which of the following situations does represent the 'Local attraction' phenomena in the compass survey?/निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति दिक्सूचक सर्वेक्षण में ‘स्थानीय आकर्षण’ घटना को दर्शाती है?
  • A. The vertical inclination of the magnetic needle of the compass is due to the earth's field./दिक्सूचक की चुम्बकीय सूई का ऊध्र्वाधर झुकाव पृथ्वी क्षेत्र के कारण होता है।
  • B. The horizontal angle between the true and magnetic meridian./सत्य और चुम्बकीय याम्योत्तर के बीच क्षैतिज कोण
  • C. Error in the measured angle due to off-centering from the station/स्टेशन से विकेन्द्रण होने के कारण मापे गए कोण में त्रुटि।
  • D. The effect on the magnetic needle of the compass is due to unavoidable external magnetic influences./दिक्सूचक की चुम्बकीय सुई पर प्रभाव अपरिहार्य बाहरी चुम्बकीय प्रभावों के कारण होता है।
Correct Answer: Option D - स्थानीय आकर्षण (Local attraction) : चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छन्द एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिये, परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते हैं। स्थानीय आकर्षण के कारण दिक्मान शुद्ध प्राप्त नहीं होते हैं। ∎ स्थानीय आकर्षण से प्रभावित स्टेशन पर पश्च व अग्र दोनों दिक्मान में त्रुटि आ जाती है, परन्तु रेखाओं का अन्तर्गत कोण (Included angle) त्रुटि से मुक्त रहता है।
D. स्थानीय आकर्षण (Local attraction) : चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छन्द एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिये, परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते हैं। स्थानीय आकर्षण के कारण दिक्मान शुद्ध प्राप्त नहीं होते हैं। ∎ स्थानीय आकर्षण से प्रभावित स्टेशन पर पश्च व अग्र दोनों दिक्मान में त्रुटि आ जाती है, परन्तु रेखाओं का अन्तर्गत कोण (Included angle) त्रुटि से मुक्त रहता है।

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स्थानीय आकर्षण (Local attraction) : चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छन्द एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिये, परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते हैं। स्थानीय आकर्षण के कारण दिक्मान शुद्ध प्राप्त नहीं होते हैं। ∎ स्थानीय आकर्षण से प्रभावित स्टेशन पर पश्च व अग्र दोनों दिक्मान में त्रुटि आ जाती है, परन्तु रेखाओं का अन्तर्गत कोण (Included angle) त्रुटि से मुक्त रहता है।