Correct Answer:
Option A - शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति 1986, नीति लैंगिक असमानता के लम्बे इतिहास को मान्यता देती है, जब यह कहती है कि लैंगिक असमानता ‘‘अतीत की संचयी विकृति है’’।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986, भारतीय शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए तथा शिक्षा व्यवस्था को समान आवश्यकताओं के अनुसार बनाने के लिए बनाई गई थी।
जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 के दोषों को दूर करना तथा शिक्षा संरचना को और अधिक दुरुस्त व मजबूत करना था। इस नीति के माध्यम से महिलाओं को, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, विकलांगों और अल्पसंख्याओं की जिनमें शैक्षिक असमानता थी उसे समाप्त कर दिया गया था तथा महिलाओं व पुरूषों दोनों को बराबर शिक्षा दी जाये, इसका प्रावधान किया गया।
A. शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति 1986, नीति लैंगिक असमानता के लम्बे इतिहास को मान्यता देती है, जब यह कहती है कि लैंगिक असमानता ‘‘अतीत की संचयी विकृति है’’।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986, भारतीय शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए तथा शिक्षा व्यवस्था को समान आवश्यकताओं के अनुसार बनाने के लिए बनाई गई थी।
जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968 के दोषों को दूर करना तथा शिक्षा संरचना को और अधिक दुरुस्त व मजबूत करना था। इस नीति के माध्यम से महिलाओं को, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, विकलांगों और अल्पसंख्याओं की जिनमें शैक्षिक असमानता थी उसे समाप्त कर दिया गया था तथा महिलाओं व पुरूषों दोनों को बराबर शिक्षा दी जाये, इसका प्रावधान किया गया।