Explanations:
1857 की क्रांति में उपर्युक्त सभी लोगों ने सक्रिय भाग लिया था। नाना साहेब जिनका मूल नाम धोंडूपंत था। इन्होंने 1857 में कानपुर में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोहियों का नेतृत्व किया था। बेगम हजरत महल अवध के नवाब वाजिद अली शाह की पत्नी थी। इन्होंने 1857 के क्रांति में लखनऊ से अंग्रेजोें के विरुद्ध विद्रोह किया था। मौलवी अहमदुल्ला 1857 के भारतीय विद्रोह के प्रमुख व्यक्ति थे। इनको विद्रोह के लाइट हाउस के रूप में जाना जाता था। बेगम जीनत महल मुगल शासक बहादुर शाह जफर की पत्नी थी। इन्होंने 1857 की क्राति में बहादुर शाह जफर को विद्रोह के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा था ‘‘यह समय गजले कहकर दिल बहलाने का नहीं है, आज सारे हिन्दुस्तान की आंखे दिल्ली की ओर व आप पर लगी है, खानदान-ए-मुगलिया का खून हिन्द को गुलाम होने देगा तो इतिहास उसे कभी क्षमा नहीं करेगा।’’