Correct Answer:
Option E - ‘शतरंज के खिलाड़ी’ मुंशी प्रेमचन्द्र की हिन्दी कहानी है। इसकी रचना उन्होंने अक्टूबर 1924 में की थी और यह ‘माधुरी’ पत्रिका में छपी थी। 1977 में सत्यजीत राय (रे) ने इसी नाम से इस कहनी पर आधारित एक हिन्दी फिल्म बनायी। यह पतनशील सामंतवाद का जीवंत चित्र प्रस्तुत करने वाली रचना है।
E. ‘शतरंज के खिलाड़ी’ मुंशी प्रेमचन्द्र की हिन्दी कहानी है। इसकी रचना उन्होंने अक्टूबर 1924 में की थी और यह ‘माधुरी’ पत्रिका में छपी थी। 1977 में सत्यजीत राय (रे) ने इसी नाम से इस कहनी पर आधारित एक हिन्दी फिल्म बनायी। यह पतनशील सामंतवाद का जीवंत चित्र प्रस्तुत करने वाली रचना है।