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Q: Which of the following parasites is the cause of the guinea-worm disease? निम्नलिखित में से किस परजीवी के कारण गिनी कृमि रोग होता है?
  • A. Lymphatic filariasis/लसीका फाइलेरिया
  • B. Strongyloides stercoralis/स्ट्राइक्लोराइड स्ट्रैसोरेलिस
  • C. Dracunculus medinensis/ड्रेकनकुलस मेडीनेंसिस
  • D. Gnathostomiasis/गनथोस्टोमासिस
Correct Answer: Option C - गिनी कृमि रोग का कारण ‘ड्रैकन क्यूलस मेडिनेंसिस’ परजीवी कृमि है। यह एक अत्यन्त दुर्लभ उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका (गिनी) के कुछ हिस्सो और कमजोर समुदायों को प्रभावित कर रहा है। यह दूषित पानी पीने, कम पकी मछली या अन्य जलीय जानवरों को खाने के बाद लोग इस परजीवी कीड़े से संक्रमित हो जाते हैं।
C. गिनी कृमि रोग का कारण ‘ड्रैकन क्यूलस मेडिनेंसिस’ परजीवी कृमि है। यह एक अत्यन्त दुर्लभ उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका (गिनी) के कुछ हिस्सो और कमजोर समुदायों को प्रभावित कर रहा है। यह दूषित पानी पीने, कम पकी मछली या अन्य जलीय जानवरों को खाने के बाद लोग इस परजीवी कीड़े से संक्रमित हो जाते हैं।

Explanations:

गिनी कृमि रोग का कारण ‘ड्रैकन क्यूलस मेडिनेंसिस’ परजीवी कृमि है। यह एक अत्यन्त दुर्लभ उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी है, जो मुख्य रूप से अफ्रीका (गिनी) के कुछ हिस्सो और कमजोर समुदायों को प्रभावित कर रहा है। यह दूषित पानी पीने, कम पकी मछली या अन्य जलीय जानवरों को खाने के बाद लोग इस परजीवी कीड़े से संक्रमित हो जाते हैं।