Correct Answer:
Option B - मूल्यांकन अर्थात् ‘मूल्य का अंकन’ यह मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया है। मूल्यांकन में बच्चे के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता है। बच्चे को जो कुछ सिखाया गया हो उसका उद्देश्य क्या है, सिखाने वाली विधियाँ कितनी सफल रहीं और उसके व्यवहार में कितना परिवर्तन आया। इस प्रकार मूल्यांकन, शिक्षक, शिक्षार्थी, पाठ्यक्रम, उद्देश्य, शिक्षण विधियों आदि को किया जाता है।
NCERT, 1988 में कहा कि मूल्यांकन का उद्देश्य ‘शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना है।’ यद्यपि मूल्यांकन के कई प्रकार हैं किन्तु वर्तमान समय में सबसे उपयुक्त मूल्यांकन ‘सतत् और व्यापक’ मूल्यांकन को माना जाता है। सतत् एवं व्यापक, मूल्यांकन की एक पद्धति है जिसमें विद्यार्थी के सभी पक्षों का मूल्यांकन किया जाता है। यह आकलन की वह प्रक्रिया है जिसमें दो पक्षों पर जोर दिया जाता हैं– 1. मूल्यांकन में निरन्तरता 2. अधिगम सम्बन्धी व्यवहारगत पक्षों का आकलन। व्यापक मूल्यांकन का अर्थ है छात्रों के अभिवृद्धि एवं विकास के दोनो पक्षों, शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक का आकलन किया जायें जो अधिगम के निम्न क्षेत्रों से जुड़े हो- 1. ज्ञान 2. बोध 2. प्रयोग 4. विश्लेषण 5५. संश्लेषण 6. मूल्यांकन 7. सृजन।
अत: दिये गये विकल्पों में न ही I और न ही II दोनों नहीं सही है।
B. मूल्यांकन अर्थात् ‘मूल्य का अंकन’ यह मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया है। मूल्यांकन में बच्चे के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का मूल्यांकन किया जाता है। बच्चे को जो कुछ सिखाया गया हो उसका उद्देश्य क्या है, सिखाने वाली विधियाँ कितनी सफल रहीं और उसके व्यवहार में कितना परिवर्तन आया। इस प्रकार मूल्यांकन, शिक्षक, शिक्षार्थी, पाठ्यक्रम, उद्देश्य, शिक्षण विधियों आदि को किया जाता है।
NCERT, 1988 में कहा कि मूल्यांकन का उद्देश्य ‘शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाना है।’ यद्यपि मूल्यांकन के कई प्रकार हैं किन्तु वर्तमान समय में सबसे उपयुक्त मूल्यांकन ‘सतत् और व्यापक’ मूल्यांकन को माना जाता है। सतत् एवं व्यापक, मूल्यांकन की एक पद्धति है जिसमें विद्यार्थी के सभी पक्षों का मूल्यांकन किया जाता है। यह आकलन की वह प्रक्रिया है जिसमें दो पक्षों पर जोर दिया जाता हैं– 1. मूल्यांकन में निरन्तरता 2. अधिगम सम्बन्धी व्यवहारगत पक्षों का आकलन। व्यापक मूल्यांकन का अर्थ है छात्रों के अभिवृद्धि एवं विकास के दोनो पक्षों, शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक का आकलन किया जायें जो अधिगम के निम्न क्षेत्रों से जुड़े हो- 1. ज्ञान 2. बोध 2. प्रयोग 4. विश्लेषण 5५. संश्लेषण 6. मूल्यांकन 7. सृजन।
अत: दिये गये विकल्पों में न ही I और न ही II दोनों नहीं सही है।