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Q: Which of the following losses occurs only in post–tensioning pre–stressed concrete structures – निम्नलिखित में से कौन सी हानियाँ पोस्ट-टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में होती है–
  • A. Loss due friction/घर्षण के कारण हानि
  • B. Shrinkage of concrete/कंक्रीट सुकड़न के कारण
  • C. Creep of concrete कंक्रीट क्रीप (creep) के कारण
  • D. Elastic shortening of concrete कंक्रीट की प्रत्यास्था शार्टनिंग के कारण
Correct Answer: Option A - कंक्रीट अवयवो को दिया गया पूर्व प्रबलन स्थिर नहीं रहता है। यह समय के साथ घटता जाता है। इसका सम्भावित प्रभाव प्रारम्भिक प्रतिबलन का 15 से 20% तक होता है। पूर्व-प्रतिबलन में क्षति निम्न के क्षय के कारण होता है– (i) कंक्रीट का प्रत्यास्थ संकुचन (ii) कंक्रीट के सिकुड़न के कारण (iii) कंक्रीट के मन्द विरुपण (iv) इस्पात के क्रीप के कारण (v) स्थिरण में फिसलन के कारण घर्षण क्षति के कारण हानि केवल पोस्ट–टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में ही होती हैं। प्री–टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में नहीं होती है।
A. कंक्रीट अवयवो को दिया गया पूर्व प्रबलन स्थिर नहीं रहता है। यह समय के साथ घटता जाता है। इसका सम्भावित प्रभाव प्रारम्भिक प्रतिबलन का 15 से 20% तक होता है। पूर्व-प्रतिबलन में क्षति निम्न के क्षय के कारण होता है– (i) कंक्रीट का प्रत्यास्थ संकुचन (ii) कंक्रीट के सिकुड़न के कारण (iii) कंक्रीट के मन्द विरुपण (iv) इस्पात के क्रीप के कारण (v) स्थिरण में फिसलन के कारण घर्षण क्षति के कारण हानि केवल पोस्ट–टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में ही होती हैं। प्री–टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में नहीं होती है।

Explanations:

कंक्रीट अवयवो को दिया गया पूर्व प्रबलन स्थिर नहीं रहता है। यह समय के साथ घटता जाता है। इसका सम्भावित प्रभाव प्रारम्भिक प्रतिबलन का 15 से 20% तक होता है। पूर्व-प्रतिबलन में क्षति निम्न के क्षय के कारण होता है– (i) कंक्रीट का प्रत्यास्थ संकुचन (ii) कंक्रीट के सिकुड़न के कारण (iii) कंक्रीट के मन्द विरुपण (iv) इस्पात के क्रीप के कारण (v) स्थिरण में फिसलन के कारण घर्षण क्षति के कारण हानि केवल पोस्ट–टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में ही होती हैं। प्री–टेंशन पूर्व प्रबलित कंक्रीट में नहीं होती है।