Correct Answer:
Option E - भारत के संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया हैं। राष्ट्रभाषा किसी देश को एक करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि राष्ट्रभाषा और राजभाषा के अंतर की बात की जाए तो इनमें दो प्रमुख अंतर है। एक अंतर इन्हें बोलने वालों की संख्या से है और दूसरा अंतर इनके प्रयोग का है। राष्ट्रभाषा जहाँ जनसाधारण की भाषा होती है और लोग इससे भावात्मक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े होते है तो वही राजभाषा का सीमित प्रयोग होता हैं। 1965 में हिंदी को एकमात्र राज्य भाषा बनाया गया। प्रारम्भ में अंग्रेजी को भी 15 वर्षोें के लिए राज्य भाषा बनाया गया था।
E. भारत के संविधान में किसी भी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया हैं। राष्ट्रभाषा किसी देश को एक करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि राष्ट्रभाषा और राजभाषा के अंतर की बात की जाए तो इनमें दो प्रमुख अंतर है। एक अंतर इन्हें बोलने वालों की संख्या से है और दूसरा अंतर इनके प्रयोग का है। राष्ट्रभाषा जहाँ जनसाधारण की भाषा होती है और लोग इससे भावात्मक और सांस्कृतिक रूप से जुड़े होते है तो वही राजभाषा का सीमित प्रयोग होता हैं। 1965 में हिंदी को एकमात्र राज्य भाषा बनाया गया। प्रारम्भ में अंग्रेजी को भी 15 वर्षोें के लिए राज्य भाषा बनाया गया था।