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Q: Which of the following is the purpose of education? निम्नलिखित में से कौन-सा शिक्षा का उद्देश्य है? I. The purpose of education is not to produce scholars. I. शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान उत्पन्न करना नहीं है। II. To Spread hatred in the society. II.समाज में नफरत फैलाना।
  • A. Only I/केवल I
  • B. Only II/केवल II
  • C. Both I and II/I तथा II दोनों
  • D. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
Correct Answer: Option A - शिक्षा एक सामाजिक प्रक्रिया है, जो मानव विकास की प्रक्रिया के रूप में जीवनपर्यन्त चलती रहती है। शिक्षा के द्वारा ही एक मानव सभ्य और सुसंस्कृत नागरिक बनता है। जॉन डीवी ने शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि जिस तरह शारीरिक विकास के लिए भोजन का महत्व है, उसी तरह सामाजिक विकास के लिए शिक्षा का महत्व है। शिक्षा के उद्देश्यों को निर्धारित करके ही शिक्षा प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रयत्नों का मार्गदर्शन संभव होता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान उत्पन्न करना नहीं है। शिक्षा के उद्देश्यों के निर्धारण हो जाने पर ही उनकी प्राप्ति के लिए शिक्षा की पाठ्यचर्या व शिक्षण विधियों का निर्माण किया जा सकता है।
A. शिक्षा एक सामाजिक प्रक्रिया है, जो मानव विकास की प्रक्रिया के रूप में जीवनपर्यन्त चलती रहती है। शिक्षा के द्वारा ही एक मानव सभ्य और सुसंस्कृत नागरिक बनता है। जॉन डीवी ने शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि जिस तरह शारीरिक विकास के लिए भोजन का महत्व है, उसी तरह सामाजिक विकास के लिए शिक्षा का महत्व है। शिक्षा के उद्देश्यों को निर्धारित करके ही शिक्षा प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रयत्नों का मार्गदर्शन संभव होता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान उत्पन्न करना नहीं है। शिक्षा के उद्देश्यों के निर्धारण हो जाने पर ही उनकी प्राप्ति के लिए शिक्षा की पाठ्यचर्या व शिक्षण विधियों का निर्माण किया जा सकता है।

Explanations:

शिक्षा एक सामाजिक प्रक्रिया है, जो मानव विकास की प्रक्रिया के रूप में जीवनपर्यन्त चलती रहती है। शिक्षा के द्वारा ही एक मानव सभ्य और सुसंस्कृत नागरिक बनता है। जॉन डीवी ने शिक्षा के महत्व को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि जिस तरह शारीरिक विकास के लिए भोजन का महत्व है, उसी तरह सामाजिक विकास के लिए शिक्षा का महत्व है। शिक्षा के उद्देश्यों को निर्धारित करके ही शिक्षा प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रयत्नों का मार्गदर्शन संभव होता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्वान उत्पन्न करना नहीं है। शिक्षा के उद्देश्यों के निर्धारण हो जाने पर ही उनकी प्राप्ति के लिए शिक्षा की पाठ्यचर्या व शिक्षण विधियों का निर्माण किया जा सकता है।