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Q: Which of the following is the main function of National Development Council in india ? निम्नांकित में से राष्ट्रीय विकास परिषद का भारत में, कौन-सा प्रमुख कार्य है?
  • A. To activate the means and efforts of states for implementation of the planning/योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्यों के संसाधनोंं एवं प्रयासों को गतिशील करना
  • B. To develop the general policies in all the important areas/सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सामान्य नीतियों का विकास करना
  • C. To confirm the balanced development in all the areas of the country/देश के सभी क्षेत्रों में सन्तुलित विकास को सुनिश्चित करना
  • D. all of these/उपर्युक्त में से सभी
Correct Answer: Option D - राष्ट्रीय विकास परिषद् एक गैर-संवैधानिक निकाय है, इस परिषद् के निम्नलिखित कार्य हैं- (1) राष्ट्रीय योजना की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करना। (2) योजना आयोग द्वारा तैयार राष्ट्रीय योजना पर विचार करना। (3) योजना को क्रियान्वित करने के लिए जरूरी संसाधनों का आकलन करना और इनकी संवृद्धि के उपाय सुझाना। (4) राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना। (5) राष्ट्रीय योजना के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा करना एवं देश के सभी क्षेत्रों में सन्तुलित विकास को सुनिश्चित करना। (6) संघ और राज्य सरकारों की निविष्टियों के साथ योजना आयोग द्वारा बनाई गई पंचवर्षीय योजनाओं का अनुमोदन करना।
D. राष्ट्रीय विकास परिषद् एक गैर-संवैधानिक निकाय है, इस परिषद् के निम्नलिखित कार्य हैं- (1) राष्ट्रीय योजना की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करना। (2) योजना आयोग द्वारा तैयार राष्ट्रीय योजना पर विचार करना। (3) योजना को क्रियान्वित करने के लिए जरूरी संसाधनों का आकलन करना और इनकी संवृद्धि के उपाय सुझाना। (4) राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना। (5) राष्ट्रीय योजना के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा करना एवं देश के सभी क्षेत्रों में सन्तुलित विकास को सुनिश्चित करना। (6) संघ और राज्य सरकारों की निविष्टियों के साथ योजना आयोग द्वारा बनाई गई पंचवर्षीय योजनाओं का अनुमोदन करना।

Explanations:

राष्ट्रीय विकास परिषद् एक गैर-संवैधानिक निकाय है, इस परिषद् के निम्नलिखित कार्य हैं- (1) राष्ट्रीय योजना की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करना। (2) योजना आयोग द्वारा तैयार राष्ट्रीय योजना पर विचार करना। (3) योजना को क्रियान्वित करने के लिए जरूरी संसाधनों का आकलन करना और इनकी संवृद्धि के उपाय सुझाना। (4) राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक नीतियों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना। (5) राष्ट्रीय योजना के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा करना एवं देश के सभी क्षेत्रों में सन्तुलित विकास को सुनिश्चित करना। (6) संघ और राज्य सरकारों की निविष्टियों के साथ योजना आयोग द्वारा बनाई गई पंचवर्षीय योजनाओं का अनुमोदन करना।