Correct Answer:
Option C - एथेनॉल निर्जल एथिल एल्कोहल (C₂H₅OH) होता है। जिसे गेहूूँ, मक्का, गन्ने तथा शक्कर आदि से उत्पादित किया जा सकता है। इसमें स्टार्च की मात्रा उच्च होती है। एथेनॉल का उपयोग पीने के लिए शराब के रूप में किया जाता है। जबकि मेथेनॉल तथा हेक्सेनॉल आदि जैसे एल्कोहल शराब के रूप में पीने के लिए अनुपयुक्त माने जाते हैं। मेथेनॉल का अणुसूत्र (CH₃OH) है। इसे काष्ठ एल्कोहल या काष्ठ स्पिरिट भी कहते हैं क्योंकि पहले इसे लकड़ी के भंजक आसवन से प्राप्त किया जाता था। यह अत्यंत विषैला होने के कारण पीने के लिए अनुपयुक्त होता है।
C. एथेनॉल निर्जल एथिल एल्कोहल (C₂H₅OH) होता है। जिसे गेहूूँ, मक्का, गन्ने तथा शक्कर आदि से उत्पादित किया जा सकता है। इसमें स्टार्च की मात्रा उच्च होती है। एथेनॉल का उपयोग पीने के लिए शराब के रूप में किया जाता है। जबकि मेथेनॉल तथा हेक्सेनॉल आदि जैसे एल्कोहल शराब के रूप में पीने के लिए अनुपयुक्त माने जाते हैं। मेथेनॉल का अणुसूत्र (CH₃OH) है। इसे काष्ठ एल्कोहल या काष्ठ स्पिरिट भी कहते हैं क्योंकि पहले इसे लकड़ी के भंजक आसवन से प्राप्त किया जाता था। यह अत्यंत विषैला होने के कारण पीने के लिए अनुपयुक्त होता है।