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Q: Which of the following is NOT type of an instrumental error in compass survey?/ निम्नलिखित में से कौन-सा दिक्सूचक सर्वेक्षण में उपकरण त्रुटियों का प्रकार नहीं है?
  • A. Inaccurate centering/त्रुटिपूर्ण केंद्रण
  • B. Sluggish needle/सुस्त सुई
  • C. Plane of sight not being vertical दृष्टि पटल का ऊर्ध्वाधर न होना
  • D. Blunt pivot point/रूक्ष कीलक बिंदु
Correct Answer: Option A - दिक्सूचक सर्वेक्षण में उपकरण त्रुटियाँ (Instrumental errors in compass survey) निम्न हैं– (i) चुम्बकीय सुई का पूर्णत: सीधा न होना अथवा प्रतिभार का ठीक न होना। (ii) कीलक (Pivot) का ठीक ऊर्ध्वाधर न होना। (iii) कीलक बिंदु का कुन्द हो जाना। (iv) कीलक का दिक्सूचक के ठीक केन्द्र में स्थित न होना। (v) सुई का स्वच्छन्द चलन न होना। यदि कीलक की नोक ठीक नहीं हैं, सुई एक ओर नत है अथवा सुई का चुम्बकीय प्रभाव कम हो गया है, तो सुई की हरकत सुस्त हो जायेगी। (vi) दर्श तथा दृश्य बेधिकाओं का ठीक ऊर्ध्वाधर खड़ा न होना। (vii) दृष्टि रेखा अशांकित चक्री के ठीक केन्द्र से न निकलना।
A. दिक्सूचक सर्वेक्षण में उपकरण त्रुटियाँ (Instrumental errors in compass survey) निम्न हैं– (i) चुम्बकीय सुई का पूर्णत: सीधा न होना अथवा प्रतिभार का ठीक न होना। (ii) कीलक (Pivot) का ठीक ऊर्ध्वाधर न होना। (iii) कीलक बिंदु का कुन्द हो जाना। (iv) कीलक का दिक्सूचक के ठीक केन्द्र में स्थित न होना। (v) सुई का स्वच्छन्द चलन न होना। यदि कीलक की नोक ठीक नहीं हैं, सुई एक ओर नत है अथवा सुई का चुम्बकीय प्रभाव कम हो गया है, तो सुई की हरकत सुस्त हो जायेगी। (vi) दर्श तथा दृश्य बेधिकाओं का ठीक ऊर्ध्वाधर खड़ा न होना। (vii) दृष्टि रेखा अशांकित चक्री के ठीक केन्द्र से न निकलना।

Explanations:

दिक्सूचक सर्वेक्षण में उपकरण त्रुटियाँ (Instrumental errors in compass survey) निम्न हैं– (i) चुम्बकीय सुई का पूर्णत: सीधा न होना अथवा प्रतिभार का ठीक न होना। (ii) कीलक (Pivot) का ठीक ऊर्ध्वाधर न होना। (iii) कीलक बिंदु का कुन्द हो जाना। (iv) कीलक का दिक्सूचक के ठीक केन्द्र में स्थित न होना। (v) सुई का स्वच्छन्द चलन न होना। यदि कीलक की नोक ठीक नहीं हैं, सुई एक ओर नत है अथवा सुई का चुम्बकीय प्रभाव कम हो गया है, तो सुई की हरकत सुस्त हो जायेगी। (vi) दर्श तथा दृश्य बेधिकाओं का ठीक ऊर्ध्वाधर खड़ा न होना। (vii) दृष्टि रेखा अशांकित चक्री के ठीक केन्द्र से न निकलना।