निर्देश (166-174): निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। व्यक्ति के जीवन में संतोष का बहुत महत्त्व है। संतोषी व्यक्ति सुखी रहता है। असंतोष सब व्याधियों की जड़ है। महात्मा कबीर ने कहा है कि धन-दौलत से कभी संतोष नहीं मिलता। संतोषरूपी धन मिलने पर समस्त वैभव धूल के समान प्रतीत होता है। व्यक्ति जितना अधिक धन पाता जाता है, उतना ही असंतोष उपजता जाता है। यह असंतोष मानसिक तनाव उत्पन्न करता है जो अनेक रोगों की जड़ है। धन व्यक्ति को उलझनों में फँसाता जाता है। साधु को संतोषी बनाया गया है क्योंकि भोजनमात्र से उसे संतोष मिल जाता है। हमें भी साधु जैसा होना चाहिए। हमें अपनी इच्छाओं को सीमित रखना चाहिए जब इच्छाएँ हम पर हावी हो जाती हैं तो हमारा मन सदा असंतुष्ट रहता हैं। सांसारिक वस्तुएँ हमें कभी संतोष नहीं दे सकती। संतोष का संबंध मन से है। संतोष सबसे बड़ा धन है। इसके सम्मुख सोना-चाँदी, रुपया-पैसा व्यर्थ है। संतोष का संबंध किससे है?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर की स्थापना किस वर्ष में हुई?
Where was 'Deva Samaj' founded in 1887 A.D.? 1887 ई. में ‘देव समाज’ की स्थापना कहाँ की गयी?
निम्नलिखित में से किस देश में महिलाओं की संख्या पुरुषों की जनसंख्या सूची से अधिक है?
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Select the option that is related to the third term in the same way as the second term is related to the first term. Assam : Tezpur :: Kerala: ?
What is the angle made by the axis of the Earth with its orbital plane
Fresh water reservoir on Sank river near Gwalior is the सॉक नदी पर ताजा पानी जलाशय जो की ग्वालियर के पास है-
निर्देश (प्र. सं. 177 से 186) : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए।: शिक्षा की बैंकीय अवधारणा (बैंकिंग कॉनसेप्ट) में ज्ञान एक उपहार होता है, जो स्वयं को ज्ञानवान समझने वालों के द्वारा उनको दिया जाता है, जिन्हें वे नितान्त अज्ञानी मानते हैं। दूसरों को परम अज्ञानी बताना उत्पीड़न की विचारधारा की विशेषता है। वह शिक्षा और ज्ञान को जिज्ञासा की प्रक्रिया नहीं मानती। शिक्षक अपने छात्रों के समक्ष स्वयं को एक आवश्यक विलोम के रूप में प्रस्तुत करता है; उन्हें परम अज्ञानी मानकर वह अपने अस्तित्व का औचित्य सिद्ध करता है। छात्र, हेगेलीय द्वन्द्ववाद में वर्णित दासों की भाँति, अलगाव के शिकार होने के कारण अपने अज्ञान को शिक्षक के अस्तित्व का औचित्य सिद्ध करने वाला समझते हैं-लेकिन इस फर्क के साथ कि दास तो अपनी वास्तविकता को जान लेता है (कि मालिक का अस्तित्व उसके अस्तित्व पर निर्भर है) लेकिन ये छात्र अपनी इस वास्तविकता को कभी नहीं जान पाते कि वे भी शिक्षक को शिक्षित करते हैं।‘‘उन्हें परम अज्ञानी मानकर वह अपने अस्तित्व का औचित्य सिद्ध करता है।’’ रेखांकित शब्द की जगह किस शब्द का प्रयोग किया जा सकता है?
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