Correct Answer:
Option A - डिप्थीरिया जीवाणुजनित रोग है। यह रोग शरीर की श्वास नली को प्रभावित करता है। यह कोरीनी बैक्टीरियम डिप्थीरी नामक जीवाणु से फैलता है। इस रोग के कारण सांस लेने में कठिनाई होती है और दम फूलने लगता है। काली खाँसी भी जीवाणु जनित रोग है। यह शरीर के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसमें लगातार खाँसी आती है। कालरा विब्रियो कालेरी नामक बैक्टीरिया से होता है। एड्स वायरस जनित रोग है। जो एच.आई.वी. वायरस द्वारा फैलता है।
A. डिप्थीरिया जीवाणुजनित रोग है। यह रोग शरीर की श्वास नली को प्रभावित करता है। यह कोरीनी बैक्टीरियम डिप्थीरी नामक जीवाणु से फैलता है। इस रोग के कारण सांस लेने में कठिनाई होती है और दम फूलने लगता है। काली खाँसी भी जीवाणु जनित रोग है। यह शरीर के श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसमें लगातार खाँसी आती है। कालरा विब्रियो कालेरी नामक बैक्टीरिया से होता है। एड्स वायरस जनित रोग है। जो एच.आई.वी. वायरस द्वारा फैलता है।