Correct Answer:
Option A - सिंचाई की आवश्यकता (Necessity of Irrigation)-फसलों को बीजों के अंकुरण से लेकर पौधो की उत्पत्ति, बढ़ोत्तरी तथा पकने तक निश्चित अन्तराल पर उचित मात्रा में पानी की आवश्यकता पड़ती है। यदि फसलोें को समय पर सुनिश्चित ढंग से पानी नही मिल पाता तो खेती सूख जाती है।
सिंचाई की आवश्यकता का कारण है-
(i) वर्षा का समय पर न होना।
(ii) वर्षा का बहुत कम होना।
(iii) अधिक पानी चाहने वाली तथा नगदी फसलों को उगाने के लिए तथा देश की खाद्य स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए, व्यवस्थित ढंग से सिंचाई की आवश्यकता होती है।
(iv) मृदा की जल धारण क्षमता में अन्तर।
A. सिंचाई की आवश्यकता (Necessity of Irrigation)-फसलों को बीजों के अंकुरण से लेकर पौधो की उत्पत्ति, बढ़ोत्तरी तथा पकने तक निश्चित अन्तराल पर उचित मात्रा में पानी की आवश्यकता पड़ती है। यदि फसलोें को समय पर सुनिश्चित ढंग से पानी नही मिल पाता तो खेती सूख जाती है।
सिंचाई की आवश्यकता का कारण है-
(i) वर्षा का समय पर न होना।
(ii) वर्षा का बहुत कम होना।
(iii) अधिक पानी चाहने वाली तथा नगदी फसलों को उगाने के लिए तथा देश की खाद्य स्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए, व्यवस्थित ढंग से सिंचाई की आवश्यकता होती है।
(iv) मृदा की जल धारण क्षमता में अन्तर।