Correct Answer:
Option C - प्रिज्मी दिक्सूचक 80mm से 150mm व्यास का पीतल का गोल बक्सा होता है जिसके मध्य में कील के ऊपर चुम्बकीय सुई टंगी रहती है जो सदा चुम्बकीय याम्योत्तर दर्शाती है।
प्रिज्मी दिकसूचक उपकरण के मुख्य भाग-
(i) अंशांकित चक्री (iv) प्रिज्म
(ii) कीलक (v) एगेट टोपी
(iii) सुई (vi) उत्थापक पिन
(iv) स्प्रिंग ब्रेक
C. प्रिज्मी दिक्सूचक 80mm से 150mm व्यास का पीतल का गोल बक्सा होता है जिसके मध्य में कील के ऊपर चुम्बकीय सुई टंगी रहती है जो सदा चुम्बकीय याम्योत्तर दर्शाती है।
प्रिज्मी दिकसूचक उपकरण के मुख्य भाग-
(i) अंशांकित चक्री (iv) प्रिज्म
(ii) कीलक (v) एगेट टोपी
(iii) सुई (vi) उत्थापक पिन
(iv) स्प्रिंग ब्रेक