Correct Answer:
Option D - शक्ति संतुलन का अभिप्राय है कि विभिन्न राज्यों की शक्ति दो पक्षों में लगभग समान रूप से बटी रहे, कोई भी एक पक्ष या एक राज्य अन्य राज्यों पर हावी न हो, इतना शक्तिशाली न हो कि वह दूसरों पर हमला करने, उसे दबाने या हराने में समर्थ हो।
क्लॉड के अनुसार, शक्ति संतुलन एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें विभिन्न स्वतंत्र राष्ट्र अपने आपसी शक्ति सम्बंधों को बिना किसी बड़ी शक्ति के हस्तक्षेप के स्वतंत्रापूर्वक संचालित करते है। इस प्रकार यह एक विकेन्द्रित व्यवस्था है जिसमें शक्ति व नीति निर्णायक इकाइयों के हाथो में ही रहती है। शक्ति संतुलन के अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के समीक्षकों के अनुसार सामान्यत: ६ साधन है जो निम्न है–
(i) क्षतिपूर्ति (ii) हस्तक्षेप (iii) मध्यवर्ती राज्य
(iv) शस्त्रीकरण (v) मैत्री संधियाँ (vi) विभाजन एवं शासन
D. शक्ति संतुलन का अभिप्राय है कि विभिन्न राज्यों की शक्ति दो पक्षों में लगभग समान रूप से बटी रहे, कोई भी एक पक्ष या एक राज्य अन्य राज्यों पर हावी न हो, इतना शक्तिशाली न हो कि वह दूसरों पर हमला करने, उसे दबाने या हराने में समर्थ हो।
क्लॉड के अनुसार, शक्ति संतुलन एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें विभिन्न स्वतंत्र राष्ट्र अपने आपसी शक्ति सम्बंधों को बिना किसी बड़ी शक्ति के हस्तक्षेप के स्वतंत्रापूर्वक संचालित करते है। इस प्रकार यह एक विकेन्द्रित व्यवस्था है जिसमें शक्ति व नीति निर्णायक इकाइयों के हाथो में ही रहती है। शक्ति संतुलन के अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के समीक्षकों के अनुसार सामान्यत: ६ साधन है जो निम्न है–
(i) क्षतिपूर्ति (ii) हस्तक्षेप (iii) मध्यवर्ती राज्य
(iv) शस्त्रीकरण (v) मैत्री संधियाँ (vi) विभाजन एवं शासन