Correct Answer:
Option A - ट्रिप्सिन सक्रिय एंजाइम है। यह अग्नाशयी रस में पाया जाता है। यह प्रोटीन तथा पेप्टोन को डाइपेप्टाइड्स तथा ट्राईपेप्टाइड्स में बदल देता है। ध्यातव्य है कि जीवतंत्र में रासायनिक प्रक्रियाओं के उत्प्रेरण के लिए विशेष प्रकार के कार्बनिक उत्प्रेरक होते है जिन्हें एंजाइम कहा जाता है। यह जीवों में 25⁰ –45⁰ C शरीर ताप पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं। मनुष्य के शरीर में पाये जाने वाले अन्य एंजाइम है, टायलिन (मुख गुहा की लार में), पेप्सिन (जठर ग्रन्थियों में), रेनिन (जठर ग्रन्थियों में), लाइपेज (वसा को वसीय अम्लों तथा ग्लिसरॉल में बदल देता है।)
A. ट्रिप्सिन सक्रिय एंजाइम है। यह अग्नाशयी रस में पाया जाता है। यह प्रोटीन तथा पेप्टोन को डाइपेप्टाइड्स तथा ट्राईपेप्टाइड्स में बदल देता है। ध्यातव्य है कि जीवतंत्र में रासायनिक प्रक्रियाओं के उत्प्रेरण के लिए विशेष प्रकार के कार्बनिक उत्प्रेरक होते है जिन्हें एंजाइम कहा जाता है। यह जीवों में 25⁰ –45⁰ C शरीर ताप पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं। मनुष्य के शरीर में पाये जाने वाले अन्य एंजाइम है, टायलिन (मुख गुहा की लार में), पेप्सिन (जठर ग्रन्थियों में), रेनिन (जठर ग्रन्थियों में), लाइपेज (वसा को वसीय अम्लों तथा ग्लिसरॉल में बदल देता है।)