Correct Answer:
Option C - दिक्पात का समायोजन– प्रत्येक स्टेशन पर स्थानीय आकर्षण के कारण उत्पन्न त्रुटि का मान ज्ञात किया जाता है। जिस स्टेशन पर स्थानीय आकर्षण नहीं है अर्थात् अग्र व पश्च दिक्मानों का अन्तर ठीक 180° है, उनको आधार मानकार अन्य रेखाओं से दिक्मानों को संशोधित किया जाता है। किसी स्टेशन पर यदि रेखा का प्रेक्षित दिक्मान उसके संशोधित दिक्मान से अधिक है तो यह त्रुटि (+ve) कहलाती है और इसका संशोधन (–ve) में किया जाता है। यदि विपरीत दिक्मान है तो उपरोक्त त्रुटि के चिन्ह बदल जाते है।
C. दिक्पात का समायोजन– प्रत्येक स्टेशन पर स्थानीय आकर्षण के कारण उत्पन्न त्रुटि का मान ज्ञात किया जाता है। जिस स्टेशन पर स्थानीय आकर्षण नहीं है अर्थात् अग्र व पश्च दिक्मानों का अन्तर ठीक 180° है, उनको आधार मानकार अन्य रेखाओं से दिक्मानों को संशोधित किया जाता है। किसी स्टेशन पर यदि रेखा का प्रेक्षित दिक्मान उसके संशोधित दिक्मान से अधिक है तो यह त्रुटि (+ve) कहलाती है और इसका संशोधन (–ve) में किया जाता है। यदि विपरीत दिक्मान है तो उपरोक्त त्रुटि के चिन्ह बदल जाते है।