Correct Answer:
Option B - खारवेल कलिंग का शासक था तथा उसके अध्ययन का प्रामाणिक स्रोत उसके द्वारा लिखवाया गया हाथीगुम्फा अभिलेख है। यह अभिलेख उदयगिरी पहाड़ी पर अंकित है। इस अभिलेख के अनुसार वह महामेघवाहन वंश का था जिसे चेदि वंश भी कहा जाता है। हाथीगुम्फा अभिलेख के अनुसार-
(1) खारवेल, 16 वर्ष की अवस्था में युवराज बना तथा 24 वर्ष की अवस्था में शासक बनकर सत्ता प्राप्त किया।
(2) पहले वर्ष खारवेल ने ‘कलिंग नगर’ का जीर्णोंद्धार करवाया।
(3) दूसरे वर्ष इसने ‘मुसिक नगर’ पर आक्रमण किया।
(4) दसवें वर्ष ‘भारतवर्ष’ का उल्लेख करने वाला पहला शिलालेख।
(5) पांचवें वर्ष तनसुली नहर का निर्माण।
B. खारवेल कलिंग का शासक था तथा उसके अध्ययन का प्रामाणिक स्रोत उसके द्वारा लिखवाया गया हाथीगुम्फा अभिलेख है। यह अभिलेख उदयगिरी पहाड़ी पर अंकित है। इस अभिलेख के अनुसार वह महामेघवाहन वंश का था जिसे चेदि वंश भी कहा जाता है। हाथीगुम्फा अभिलेख के अनुसार-
(1) खारवेल, 16 वर्ष की अवस्था में युवराज बना तथा 24 वर्ष की अवस्था में शासक बनकर सत्ता प्राप्त किया।
(2) पहले वर्ष खारवेल ने ‘कलिंग नगर’ का जीर्णोंद्धार करवाया।
(3) दूसरे वर्ष इसने ‘मुसिक नगर’ पर आक्रमण किया।
(4) दसवें वर्ष ‘भारतवर्ष’ का उल्लेख करने वाला पहला शिलालेख।
(5) पांचवें वर्ष तनसुली नहर का निर्माण।