Correct Answer:
Option B - कोमेट (धूमकेतु) आकाशीय पिण्ड है जो मुख्यरूप से बर्फ, धूल और चट्टानी पदार्थ से बने होते हैं। वे सूर्य के चारों ओर अपनी अत्यधिक लम्बी अण्डाकार कक्षाओं के लिए जाने जाते है। इसका मतलब है कि उनका रास्ते फैले हुए हैं और गोलाकार नहीं है, इस लम्बी कक्षा के कारण धूमकेतू अपना अधिकांश समय सौरमण्डल के बाहरी क्षेत्रों में सूर्य से दूर बिताते है।
B. कोमेट (धूमकेतु) आकाशीय पिण्ड है जो मुख्यरूप से बर्फ, धूल और चट्टानी पदार्थ से बने होते हैं। वे सूर्य के चारों ओर अपनी अत्यधिक लम्बी अण्डाकार कक्षाओं के लिए जाने जाते है। इसका मतलब है कि उनका रास्ते फैले हुए हैं और गोलाकार नहीं है, इस लम्बी कक्षा के कारण धूमकेतू अपना अधिकांश समय सौरमण्डल के बाहरी क्षेत्रों में सूर्य से दूर बिताते है।