Correct Answer:
Option C - लाइकेन थैलोफाइटा समूह की वनस्पति है, जो कवक तथा शैवाल दोनों से मिलकर बनती है। इसमें कवक तथा शैवाल का संबंध परस्पर सहजीवी (Symbiotic) जैसा होता है। ये समुद्र के किनारों से लेकर पहाड़ों के ऊँचे शिखर तक पाये जाते हैं। टुण्ड्रा प्रदेशों में लाइकेन वनस्पति प्रचुर मात्रा में पायी जाती हैं। सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) की सूक्ष्म मात्राओं का इनकी वृद्धि पर दुष्प्रभाव पड़ता है। अत: ये वायु में विशेषत: SO₂ के प्रदूषण के सूचक की तरह प्रयुक्त हो सकते हैं।
C. लाइकेन थैलोफाइटा समूह की वनस्पति है, जो कवक तथा शैवाल दोनों से मिलकर बनती है। इसमें कवक तथा शैवाल का संबंध परस्पर सहजीवी (Symbiotic) जैसा होता है। ये समुद्र के किनारों से लेकर पहाड़ों के ऊँचे शिखर तक पाये जाते हैं। टुण्ड्रा प्रदेशों में लाइकेन वनस्पति प्रचुर मात्रा में पायी जाती हैं। सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) की सूक्ष्म मात्राओं का इनकी वृद्धि पर दुष्प्रभाव पड़ता है। अत: ये वायु में विशेषत: SO₂ के प्रदूषण के सूचक की तरह प्रयुक्त हो सकते हैं।