Correct Answer:
Option A - तिलचट्टा में मैलपीघी नलिकाओं का मुख्य कार्य उत्सर्जन है। ये नलिकाएँ शरीर के अन्य ऊतकों में बने नाइट्रोजनी अपशिष्टों और अनावश्यक लवणों को हीमोलिम्फ से अलग करके यूरिक अम्ल में परिवर्तित करती हैं। ये उत्सर्जी पदार्थ फिर आहार नाल की पश्चान्त्र में भेजे जाते हैं, जहाँ से वे मल के साथ शरीर से बाहर निकाले जाते हैं। ये नलिकाएं मध्य आंत और पश्च आंत के जंक्शन पर स्थित होती हैं।
A. तिलचट्टा में मैलपीघी नलिकाओं का मुख्य कार्य उत्सर्जन है। ये नलिकाएँ शरीर के अन्य ऊतकों में बने नाइट्रोजनी अपशिष्टों और अनावश्यक लवणों को हीमोलिम्फ से अलग करके यूरिक अम्ल में परिवर्तित करती हैं। ये उत्सर्जी पदार्थ फिर आहार नाल की पश्चान्त्र में भेजे जाते हैं, जहाँ से वे मल के साथ शरीर से बाहर निकाले जाते हैं। ये नलिकाएं मध्य आंत और पश्च आंत के जंक्शन पर स्थित होती हैं।