Correct Answer:
Option A - यह तीनों ही लक्षण समस्या समाधान पद्धति को संदर्भित करते हैं। समस्या-समाधान विधि विज्ञान शिक्षण की महत्वपूर्ण विधि है। इसे वैज्ञानिक विधि के नाम से भी जाना जाता है। इस विधि में विधार्थियों के समक्ष किसी समस्या को इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है जिससे वे उद्देश्यपूर्ण गहन चिन्तन कर सकें तथा अपने पूर्व ज्ञान व अनुभवों के आधार पर समस्या समाधान सम्बन्धी विकल्प प्रस्तुत कर सकें। इस कार्य में अध्यापक उनकी सहायता करता है। विद्यार्थी प्रयोग एवं अनुभवों के आधार पर समस्या समाधान सम्बन्धी विकल्प प्रस्तुत कर सकें। इस कार्य में अध्यापक उन की सहायता करता है। विधार्थी प्रयोग एवं अनुभव द्वारा विकल्पों की पुष्टि करके समस्या का समाधान करने का प्रयत्न करते है। समस्या समाधान पद्धति के निम्न चरण होते हैं–
1. समस्या को महसूस करना,
2. समस्या को परिभाषित करना,
3. समस्या का विश्लेषण,
4. उपयुक्त आँकड़ों का संकलन,
5. परिकल्पनाओं का निर्माण व परीक्षण,
6. निष्कर्ष निकालना आदि।
A. यह तीनों ही लक्षण समस्या समाधान पद्धति को संदर्भित करते हैं। समस्या-समाधान विधि विज्ञान शिक्षण की महत्वपूर्ण विधि है। इसे वैज्ञानिक विधि के नाम से भी जाना जाता है। इस विधि में विधार्थियों के समक्ष किसी समस्या को इस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है जिससे वे उद्देश्यपूर्ण गहन चिन्तन कर सकें तथा अपने पूर्व ज्ञान व अनुभवों के आधार पर समस्या समाधान सम्बन्धी विकल्प प्रस्तुत कर सकें। इस कार्य में अध्यापक उनकी सहायता करता है। विद्यार्थी प्रयोग एवं अनुभवों के आधार पर समस्या समाधान सम्बन्धी विकल्प प्रस्तुत कर सकें। इस कार्य में अध्यापक उन की सहायता करता है। विधार्थी प्रयोग एवं अनुभव द्वारा विकल्पों की पुष्टि करके समस्या का समाधान करने का प्रयत्न करते है। समस्या समाधान पद्धति के निम्न चरण होते हैं–
1. समस्या को महसूस करना,
2. समस्या को परिभाषित करना,
3. समस्या का विश्लेषण,
4. उपयुक्त आँकड़ों का संकलन,
5. परिकल्पनाओं का निर्माण व परीक्षण,
6. निष्कर्ष निकालना आदि।