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Q: Which of the following factors is fueling identity loss for Indian adolescents? निम्नलिखित में से कौन सा कारक भारतीय किशोरों के लिए पहचान अभाव को उत्तेजित है ? I. Breaking with traditional values. I. पारंपरिक मूल्यों को तोड़ना। II. Lack of adult support. II. वयस्क समर्थन का अभाव। III. Rapid changes in the socio-cultural experiences of adolescents. III. किशोरों के सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों में द्रुत बदलाव।
  • A. I and II/I तथा II
  • B. Only I/केवल I
  • C. I, II and III/I, II तथा III
  • D. II and III/II तथा III
Correct Answer: Option C - किशोरावस्था में पहचान अभाव अनेक कारकों से प्रभावित होता है। सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, पारिवारिक तथा सामाजिक मूल्य, संजातीय पृष्ठभूमि तथा सामाजिक-आर्थिक स्तर ये सभी समाज मे एक स्थान पर प्राप्त करने लिए किशोरों द्वारा किए गए प्रयास पर प्रभावी होते है। जब किशोर घर से बाहर अधिक समय व्यतीत करने लगते है तो पारिवारिक सम्बन्ध कम महत्वपूर्ण हो जाते हैं और वे समकक्षीयों के सहयोग एवं स्वीकृति को प्रबल आवश्यकता विकसित कर लेते है। समकक्षियों के साथ अधिक अन्त:क्रिया उन्हें अपने सामाजिक कौशलों को सुधारने तथा भिन्न-भिन्न प्रकार के सामाजिक व्यवहारों को परखने का अवसर प्रदान करती हैं। भारतीय किशोरों को निम्नांकित कारक पहचान अभाव को उत्तेजित करते हैं– 1. पारम्परिक मूल्यों को तोड़ना। 2. वयस्क समर्थन का अभाव 3. किशोरो के सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों में बदलाव।
C. किशोरावस्था में पहचान अभाव अनेक कारकों से प्रभावित होता है। सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, पारिवारिक तथा सामाजिक मूल्य, संजातीय पृष्ठभूमि तथा सामाजिक-आर्थिक स्तर ये सभी समाज मे एक स्थान पर प्राप्त करने लिए किशोरों द्वारा किए गए प्रयास पर प्रभावी होते है। जब किशोर घर से बाहर अधिक समय व्यतीत करने लगते है तो पारिवारिक सम्बन्ध कम महत्वपूर्ण हो जाते हैं और वे समकक्षीयों के सहयोग एवं स्वीकृति को प्रबल आवश्यकता विकसित कर लेते है। समकक्षियों के साथ अधिक अन्त:क्रिया उन्हें अपने सामाजिक कौशलों को सुधारने तथा भिन्न-भिन्न प्रकार के सामाजिक व्यवहारों को परखने का अवसर प्रदान करती हैं। भारतीय किशोरों को निम्नांकित कारक पहचान अभाव को उत्तेजित करते हैं– 1. पारम्परिक मूल्यों को तोड़ना। 2. वयस्क समर्थन का अभाव 3. किशोरो के सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों में बदलाव।

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किशोरावस्था में पहचान अभाव अनेक कारकों से प्रभावित होता है। सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, पारिवारिक तथा सामाजिक मूल्य, संजातीय पृष्ठभूमि तथा सामाजिक-आर्थिक स्तर ये सभी समाज मे एक स्थान पर प्राप्त करने लिए किशोरों द्वारा किए गए प्रयास पर प्रभावी होते है। जब किशोर घर से बाहर अधिक समय व्यतीत करने लगते है तो पारिवारिक सम्बन्ध कम महत्वपूर्ण हो जाते हैं और वे समकक्षीयों के सहयोग एवं स्वीकृति को प्रबल आवश्यकता विकसित कर लेते है। समकक्षियों के साथ अधिक अन्त:क्रिया उन्हें अपने सामाजिक कौशलों को सुधारने तथा भिन्न-भिन्न प्रकार के सामाजिक व्यवहारों को परखने का अवसर प्रदान करती हैं। भारतीय किशोरों को निम्नांकित कारक पहचान अभाव को उत्तेजित करते हैं– 1. पारम्परिक मूल्यों को तोड़ना। 2. वयस्क समर्थन का अभाव 3. किशोरो के सामाजिक-सांस्कृतिक अनुभवों में बदलाव।