Correct Answer:
Option C - मनुष्य के अंदर का शरीर एक प्रकार से पूरी दुनिया होती है, जिसका सम्पर्क निरन्तर बाहरी वातावरण से बना रहता है। यह सम्पर्क स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है और हानिकारक भी इसीलिए कहा जाता है, कि मनुष्य के शरीर की रचना अनुवांशिकी पर निर्भर करती है इसके अतिरिक्त बाहर वातावरण के विभिन्न प्रकार के तत्वों पर भी निर्भर करता है। जैसे-आय और सामाजिक स्थिति, भौतिक वातावरण, स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ आदि बाहरी वातावरण है जो स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।
C. मनुष्य के अंदर का शरीर एक प्रकार से पूरी दुनिया होती है, जिसका सम्पर्क निरन्तर बाहरी वातावरण से बना रहता है। यह सम्पर्क स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है और हानिकारक भी इसीलिए कहा जाता है, कि मनुष्य के शरीर की रचना अनुवांशिकी पर निर्भर करती है इसके अतिरिक्त बाहर वातावरण के विभिन्न प्रकार के तत्वों पर भी निर्भर करता है। जैसे-आय और सामाजिक स्थिति, भौतिक वातावरण, स्वास्थ्य देखभाल सेवाएँ आदि बाहरी वातावरण है जो स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।