Correct Answer:
Option B - विस्तृत या मद-दर प्राक्कलन (Detailed or item rate estimate)–
(i) यह काफी शुद्ध और व्यावहारिक प्राक्कलन होता है, जिसे निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व बनाया जाता है।
(ii) विस्तृत प्राक्कलन में प्रस्तावित संरचना की सभी सम्भावित मदों के परिमाणों की शुद्धता से गणना की जाती है और उनको (वर्तमान) दरों से गुना करके लागत सार (Abstract of cost) तैयार की जाती है।
(iii) विस्तृत प्राक्कलन के आधार पर ही निर्माण कार्य की विभिन्न मदों के परिमाण, निर्माण सामग्री की मात्रा तथा श्रमिकों की सही-सही संख्या ज्ञात करना सम्भव हो पाता है।
(iv) विस्तृत प्राक्कलन में आकस्मिक व्यय, प्रत्याशित लागत, श्रम तथा साम्रगी सहित प्रत्यक्ष लागत, उपरी व्यय तथा अप्रत्यक्ष लागत आदि शामिल है।
Note:-विस्तृत प्राक्कलन में भविष्य में रखरखाव की लागत को शामिल नहीं किया जाता है।
B. विस्तृत या मद-दर प्राक्कलन (Detailed or item rate estimate)–
(i) यह काफी शुद्ध और व्यावहारिक प्राक्कलन होता है, जिसे निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व बनाया जाता है।
(ii) विस्तृत प्राक्कलन में प्रस्तावित संरचना की सभी सम्भावित मदों के परिमाणों की शुद्धता से गणना की जाती है और उनको (वर्तमान) दरों से गुना करके लागत सार (Abstract of cost) तैयार की जाती है।
(iii) विस्तृत प्राक्कलन के आधार पर ही निर्माण कार्य की विभिन्न मदों के परिमाण, निर्माण सामग्री की मात्रा तथा श्रमिकों की सही-सही संख्या ज्ञात करना सम्भव हो पाता है।
(iv) विस्तृत प्राक्कलन में आकस्मिक व्यय, प्रत्याशित लागत, श्रम तथा साम्रगी सहित प्रत्यक्ष लागत, उपरी व्यय तथा अप्रत्यक्ष लागत आदि शामिल है।
Note:-विस्तृत प्राक्कलन में भविष्य में रखरखाव की लागत को शामिल नहीं किया जाता है।