Correct Answer:
Option C - शोंडोल नृत्य– इसे लद्दाख के शाही नृत्य के रूप में जाना जाता है। इसे तक्षोमा या महिला नर्तकों द्वारा विशेष अवसर पर लद्दाख के राजा की प्रशंसा करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
जबरो नृत्य– लद्दाख क्षेत्र के चांग-थांग और रोंग इलाकों में तिब्बती मूल के खानाबदोश लोगों द्वारा पक्तियां बना कर इस नृत्य को किया जाता है।
यॉक नृत्य– यह बौद्ध जनजातियों के महायान संप्रदाय का प्रमुख नृत्य है। इसमें लोग यॉक की वेशभूषा धारण कर नृत्य करते हैं। यह भारत के अरूणाचल प्रदेश में मुख्य रूप से किया जाता है।
C. शोंडोल नृत्य– इसे लद्दाख के शाही नृत्य के रूप में जाना जाता है। इसे तक्षोमा या महिला नर्तकों द्वारा विशेष अवसर पर लद्दाख के राजा की प्रशंसा करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
जबरो नृत्य– लद्दाख क्षेत्र के चांग-थांग और रोंग इलाकों में तिब्बती मूल के खानाबदोश लोगों द्वारा पक्तियां बना कर इस नृत्य को किया जाता है।
यॉक नृत्य– यह बौद्ध जनजातियों के महायान संप्रदाय का प्रमुख नृत्य है। इसमें लोग यॉक की वेशभूषा धारण कर नृत्य करते हैं। यह भारत के अरूणाचल प्रदेश में मुख्य रूप से किया जाता है।