Correct Answer:
Option A - केशवानंद भारतीय मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित मूल ढाँचे के सिद्धांत के फैसले के बाद 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा न्यायपालिका को संसद के अधीन कर दिया गया। 42वें संविधान संशोधन के द्वारा संविधान के प्रस्तावना में समाजवाद, पंथनिरपेक्षता और राष्ट्र की अखण्डता शब्द जोड़ा गया।
A. केशवानंद भारतीय मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिपादित मूल ढाँचे के सिद्धांत के फैसले के बाद 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा न्यायपालिका को संसद के अधीन कर दिया गया। 42वें संविधान संशोधन के द्वारा संविधान के प्रस्तावना में समाजवाद, पंथनिरपेक्षता और राष्ट्र की अखण्डता शब्द जोड़ा गया।