Correct Answer:
Option D - शिक्षा में परियोजना/प्रोजेक्ट पद्धति के बारे में दोनों ही कथन (I) व (II) सही हैं। प्रोजेक्ट विधि की उत्पत्ति दार्शनिक विचारधाराओं के प्रयोजनवादी सम्प्रदाय के फलस्वरूप हुई। यह विधि जॉन डीवी (John Dewey) के शिक्षा सम्बन्धी मत तथा समस्या विधि के स्वभाविक विकास से विकसित हुई।
किलपैट्रिक के अनुसार, ‘‘प्रोजेक्ट वह अभिप्राय युक्त क्रिया है जो पूर्ण संलग्नता के साथ सामाजिक वातावरण में की जाए।’’
सी.वी.गुण के अनुसार, ‘‘ योजना नियोजित होती है तथा इसकी प्राप्ति का प्रयास शिक्षक तथा शिक्षार्थियों के द्वारा स्वाभाविक जीवन जैसी परिस्थितियों में किया जाता है।’’
इस विधि की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं–
1. योजना मितव्ययी होनी चाहिए।
2. योजना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण एवं रोचक होनी चाहिए।
3. योजना व्यक्तिगत तथा सामाजिक रूप से उपयोगी होना अनिवार्य है।
4. योजना में विभिन्न प्रकार की अनेक क्रियाओं का समावेश होना चाहिए।
5. योजना सम्बन्धी सामग्री ऐसी होनी चाहिए जो स्कूलों अथवा उनके आस-पास उपलब्ध हो सके। दूसरे शब्दों में, छात्रों को इसके प्रयोग में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
D. शिक्षा में परियोजना/प्रोजेक्ट पद्धति के बारे में दोनों ही कथन (I) व (II) सही हैं। प्रोजेक्ट विधि की उत्पत्ति दार्शनिक विचारधाराओं के प्रयोजनवादी सम्प्रदाय के फलस्वरूप हुई। यह विधि जॉन डीवी (John Dewey) के शिक्षा सम्बन्धी मत तथा समस्या विधि के स्वभाविक विकास से विकसित हुई।
किलपैट्रिक के अनुसार, ‘‘प्रोजेक्ट वह अभिप्राय युक्त क्रिया है जो पूर्ण संलग्नता के साथ सामाजिक वातावरण में की जाए।’’
सी.वी.गुण के अनुसार, ‘‘ योजना नियोजित होती है तथा इसकी प्राप्ति का प्रयास शिक्षक तथा शिक्षार्थियों के द्वारा स्वाभाविक जीवन जैसी परिस्थितियों में किया जाता है।’’
इस विधि की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं–
1. योजना मितव्ययी होनी चाहिए।
2. योजना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण एवं रोचक होनी चाहिए।
3. योजना व्यक्तिगत तथा सामाजिक रूप से उपयोगी होना अनिवार्य है।
4. योजना में विभिन्न प्रकार की अनेक क्रियाओं का समावेश होना चाहिए।
5. योजना सम्बन्धी सामग्री ऐसी होनी चाहिए जो स्कूलों अथवा उनके आस-पास उपलब्ध हो सके। दूसरे शब्दों में, छात्रों को इसके प्रयोग में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।