Correct Answer:
Option D - विकास को परिपक्वता के लक्ष्य की ओर अग्रसर व्यवस्थित, सुसंगत परिवर्तनों का एक प्रगतिशील शृंखला के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। विकास शब्द परिवर्तन का घोतक है। व्यक्ति में यथा समय होने वाले विभिन्न परिवर्तनों को ही विकास कहा जाता है। विकास के अन्तर्गत व्यक्ति के मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा शरीरिक दृष्टि से होने वाले परिवर्तनों को सम्मिलित किया जाता है। अर्थात् व्यक्ति में होने वाले समस्त परिवर्तनों को विकास कहा जाता है।
D. विकास को परिपक्वता के लक्ष्य की ओर अग्रसर व्यवस्थित, सुसंगत परिवर्तनों का एक प्रगतिशील शृंखला के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। विकास शब्द परिवर्तन का घोतक है। व्यक्ति में यथा समय होने वाले विभिन्न परिवर्तनों को ही विकास कहा जाता है। विकास के अन्तर्गत व्यक्ति के मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक तथा शरीरिक दृष्टि से होने वाले परिवर्तनों को सम्मिलित किया जाता है। अर्थात् व्यक्ति में होने वाले समस्त परिवर्तनों को विकास कहा जाता है।