Correct Answer:
Option C - जीभ हमारे शरीर के अन्दर स्थित एक ज्ञानेन्द्रिय है जो हमें मुख्य रूप से पाँच प्रकार के स्वाद का अनुभव करती है यह पीछे की तरफ चौड़ी और आगे की तरफ पतली होती हैं। जो मांसपेशियों की बनी होती है। इसकी ऊपरी सतह पर कुछ दानेदार उभार होता है जिन्हें स्वाद कलिकाएँ कहते है। ये स्वाद कलिकाएं कोशिकाओं से बनी होती है। जब हम किसी वस्तु को खाते हैं तो इसके स्वाद का अनुभव हमे तब होता है जब वह लार के साथ घुलने के बाद जीभ पर फैलती है। जीभ के अग्रभाग से मीठे स्वाद का, पश्च भाग (कंठ के निकट के भाग) से कड़वे स्वाद का तथा बगल के भाग से खट्टे स्वाद का आभास होता है।
नोट-मनुष्य के जीभ के मध्य भाग पर स्वाद कलिकाएं प्राय: नहीं होती है।
C. जीभ हमारे शरीर के अन्दर स्थित एक ज्ञानेन्द्रिय है जो हमें मुख्य रूप से पाँच प्रकार के स्वाद का अनुभव करती है यह पीछे की तरफ चौड़ी और आगे की तरफ पतली होती हैं। जो मांसपेशियों की बनी होती है। इसकी ऊपरी सतह पर कुछ दानेदार उभार होता है जिन्हें स्वाद कलिकाएँ कहते है। ये स्वाद कलिकाएं कोशिकाओं से बनी होती है। जब हम किसी वस्तु को खाते हैं तो इसके स्वाद का अनुभव हमे तब होता है जब वह लार के साथ घुलने के बाद जीभ पर फैलती है। जीभ के अग्रभाग से मीठे स्वाद का, पश्च भाग (कंठ के निकट के भाग) से कड़वे स्वाद का तथा बगल के भाग से खट्टे स्वाद का आभास होता है।
नोट-मनुष्य के जीभ के मध्य भाग पर स्वाद कलिकाएं प्राय: नहीं होती है।