Explanations:
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF) और IBRD की स्थापना ब्रेटनवुड्स के 1944 के समझौते के तहत औपचारिक रुप से 27 दिसम्बर, 1945 को हुई। चूँकि दोनों की स्थापना ब्रेटनवुड्स के ही तहत हुई थी, इसलिए इन दोनों को बेटनवुड्स जुड़वा (Bretton woods Twins) के रूप में जाना जाता है। दोनों के वाशिंगटन में स्थित होने के कारण इन्हें वाशिंगटन जुड़वा के रुप में भी जाना जाता है। दोनों यू.एन.ओ. की एक संघटक संस्था हैं। • वैसे IMF की स्थापना 1945 में हुई किन्तु इसने कार्य करना मार्च, 1947 में शुरू किया। इसके प्रथम मैनेजिंग डायरेक्टर कैमिल गट्ट (बेल्जियम) थे, जिनका कार्यकाल 6 मई, 1946 से 5 मई, 1951 तक था। वर्तमान में IMF के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में बुल्गारिया की अर्थशास्त्री क्रिस्टेलीना जार्जीवा को नियुक्त किया गया है। IMF का मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. में है। भारत इसका एक संस्थापक सदस्य है। इसकी सदस्यता की दो आवश्यक शर्तें हैं- (1) विश्व बैंक की सदस्यता प्राप्त हो तथा (2) मुद्रा कोष में अनिवार्य अंशदान या कोटा हो। अनिवार्य अंशदान एक निश्चित कोटा प्रणाली के अंतर्गत निर्धारित किया जाता है। इस अनिवार्य अंशदान की मात्रा एवं मूल्य का निर्धारण समय-समय पर (अधिक से अधिक पाँच वर्ष पर) होता रहता है। एक सदस्य देश को अपने कोटा का 25% SDR या आई०एम०एफ० द्वारा चयनित (अमेरिकी डॉलर, यूरो, रेनमिन्बी, येन एवं ब्रिटिश पाउंड) मुद्रा में देना होता है। इस राशि को रिजर्व ट्रेंच (Reserved Tranche) कहते हैं। कोष की शेष राशि देश की अपनी मुद्रा में जमा करना होता है। प्रत्येक राष्ट्र को उसके कोटा के आधार पर मताधिकार प्राप्त होता है। • वर्तमान में SDR धारिता के सापेक्ष भारत का SDR प्रतिशत 2.75 तथा वोटिंग शेयर 2.63 प्रतिशत है। SDR (विशेष आहरण अधिकार) IMF के सदस्य देशों हेतु एक वित्तीय सुविधा है जिसे पेपर गोल्ड के नाम से जाना जाता है। यह सदस्य देशों के बीच बिना किसी भौतिक हस्तान्तरण के परस्पर भुगतान के लिए स्वीकार किया जाता है। • IMF का मुख्य उद्देश्य है- (1) सदस्य देशों की भुगतान संतुलन समस्याओं के निराकरण में सहायता प्रदान करना, (2) अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार एवं मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देना। (3) विनिमय दरों में स्थायित्व लाना, (4) अन्तर्राष्ट्रीय तरलता का विस्तार करना। • IMF प्रत्येक वर्ष विश्व अर्थव्यवस्था के संबंध में वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक प्रकाशित करता है। वर्तमान में IMF में कुल 190 सदस्य देश हैं। भारत के वित्तमंत्री IMF में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं तथा IMF, अनुच्छेद-IV के अधीन भारत की आर्थिक स्थिति का नियमित पुनरीक्षण करता है।