Correct Answer:
Option A - चरक संहिता भारतीय चिकित्सा प्रणाली से संबद्ध है। यह संस्कृत भाषा में लिखा गया एक विशाल ग्रंथ है जिसके 8 भाग एवं 120 अध्याय हैं। इसे महर्षि चरक द्वारा लिखा गया। गौरतलब है कि चरक संहिता और अष्टांग संग्रह मुख्य तौर पर औषधि ज्ञान से संबंधित हैं जबकि सुश्रुत संहिता मुख्य रूप से शल्य ज्ञान से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त सूर्य सिद्धान्त को प्रतिभाशाली गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट द्वारा लिखा गया, जिसमें ज्यामिति, त्रिकोणमिति और ब्रह्माण्ड विज्ञान के कई पहलुओं को शामिल किया गया। वाराहमिहिर द्वारा बृहतसंहिता लिखी गई और इस पुस्तक ने खगोल विज्ञान एवं ज्योतिष के क्षेत्र में भी योगदान दिया।
A. चरक संहिता भारतीय चिकित्सा प्रणाली से संबद्ध है। यह संस्कृत भाषा में लिखा गया एक विशाल ग्रंथ है जिसके 8 भाग एवं 120 अध्याय हैं। इसे महर्षि चरक द्वारा लिखा गया। गौरतलब है कि चरक संहिता और अष्टांग संग्रह मुख्य तौर पर औषधि ज्ञान से संबंधित हैं जबकि सुश्रुत संहिता मुख्य रूप से शल्य ज्ञान से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त सूर्य सिद्धान्त को प्रतिभाशाली गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट द्वारा लिखा गया, जिसमें ज्यामिति, त्रिकोणमिति और ब्रह्माण्ड विज्ञान के कई पहलुओं को शामिल किया गया। वाराहमिहिर द्वारा बृहतसंहिता लिखी गई और इस पुस्तक ने खगोल विज्ञान एवं ज्योतिष के क्षेत्र में भी योगदान दिया।