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Q: Which of the following allowed trial of British subjects in India by senior Indian judges? निम्नलिखित में से किसने भारत में वरिष्ठ भारतीय न्यायाधीशों द्वारा ब्रिटिश विषयों के परीक्षण की अनुमति दी?
  • A. Indian Penal Code, 1860 भारतीय दंड संहिता, 1860
  • B. Ilbert Bill, 1883/इल्बर्ट बिल, 1883
  • C. Indian Councils act, 1892 भारतीय परिषद अधिनियम, 1892
  • D. Government of India Act,1858 भारत सरकार अधिनियम, 1858
Correct Answer: Option B - वायसराय लार्ड रिपन के कार्यकाल के दौरान 1883 में इल्बर्ट बिल लाया गया था। इस बिल के द्वारा भारतीय न्यायाधीशों को उन मामलों की सुनवाई करने का भी अधिकार प्रदान कर दिया गया जिनमें यूरोपीय नागरिक भी शामिल होते थे। गौरतलब है कि इससे पहले यूरोपीय व्यक्तियों से सम्बंधित मामलों की सुनवाई केवल यूरोपीय न्यायाधीश ही करते थे। इसी विवाद को श्वेत विद्रोह की संज्ञा प्रदान की गयी। इसी कारण लार्ड रिपन ने 1884 में अपने त्याग पत्र ब्रिटिश सरकार को सौंप दिया था।
B. वायसराय लार्ड रिपन के कार्यकाल के दौरान 1883 में इल्बर्ट बिल लाया गया था। इस बिल के द्वारा भारतीय न्यायाधीशों को उन मामलों की सुनवाई करने का भी अधिकार प्रदान कर दिया गया जिनमें यूरोपीय नागरिक भी शामिल होते थे। गौरतलब है कि इससे पहले यूरोपीय व्यक्तियों से सम्बंधित मामलों की सुनवाई केवल यूरोपीय न्यायाधीश ही करते थे। इसी विवाद को श्वेत विद्रोह की संज्ञा प्रदान की गयी। इसी कारण लार्ड रिपन ने 1884 में अपने त्याग पत्र ब्रिटिश सरकार को सौंप दिया था।

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वायसराय लार्ड रिपन के कार्यकाल के दौरान 1883 में इल्बर्ट बिल लाया गया था। इस बिल के द्वारा भारतीय न्यायाधीशों को उन मामलों की सुनवाई करने का भी अधिकार प्रदान कर दिया गया जिनमें यूरोपीय नागरिक भी शामिल होते थे। गौरतलब है कि इससे पहले यूरोपीय व्यक्तियों से सम्बंधित मामलों की सुनवाई केवल यूरोपीय न्यायाधीश ही करते थे। इसी विवाद को श्वेत विद्रोह की संज्ञा प्रदान की गयी। इसी कारण लार्ड रिपन ने 1884 में अपने त्याग पत्र ब्रिटिश सरकार को सौंप दिया था।