Correct Answer:
Option C - विज्ञान कोई वस्तु नहीं है, अपितु यह तो ज्ञान की एक विशेष शाखा है। मनुष्य जाति में सदैव ही प्राकृतिक रहस्यों को जानने की जिज्ञासा रही है। उसी को सार्थक बनाने में विज्ञान अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं इसीलिए किसी विषय या वस्तु के वास्तविक, क्रमबद्ध, सुव्यवस्थित और विशिष्ट ज्ञान को विज्ञान कहते है। विज्ञान प्रेक्षणों तथा प्रयोगों द्वारा प्रमाणित होता है। जिसमें भौतिक जगत और प्राकृति के नियमों का अध्ययन किया जाता है। इससे वस्तु की प्रकृति के नियमों का अध्ययन किया जाता है। इससे वस्तु की प्रकृति, गुण और उसके व्यवहार को जानने में मदद मिलती है। इसलिए इस विशेष ज्ञान को विज्ञान कहा जाता है। विज्ञान कई शाखाओं में विभाजित है। जैसे- जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी इत्यादि। बढ़इगीरी, मिट्टी के बर्तन, परिवहन आदि विज्ञान की अवधारणा के अन्तर्गत आते हैं।
C. विज्ञान कोई वस्तु नहीं है, अपितु यह तो ज्ञान की एक विशेष शाखा है। मनुष्य जाति में सदैव ही प्राकृतिक रहस्यों को जानने की जिज्ञासा रही है। उसी को सार्थक बनाने में विज्ञान अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं इसीलिए किसी विषय या वस्तु के वास्तविक, क्रमबद्ध, सुव्यवस्थित और विशिष्ट ज्ञान को विज्ञान कहते है। विज्ञान प्रेक्षणों तथा प्रयोगों द्वारा प्रमाणित होता है। जिसमें भौतिक जगत और प्राकृति के नियमों का अध्ययन किया जाता है। इससे वस्तु की प्रकृति के नियमों का अध्ययन किया जाता है। इससे वस्तु की प्रकृति, गुण और उसके व्यवहार को जानने में मदद मिलती है। इसलिए इस विशेष ज्ञान को विज्ञान कहा जाता है। विज्ञान कई शाखाओं में विभाजित है। जैसे- जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी इत्यादि। बढ़इगीरी, मिट्टी के बर्तन, परिवहन आदि विज्ञान की अवधारणा के अन्तर्गत आते हैं।