Correct Answer:
Option D - भट्ठी शुष्क विधि (Oven-dry Method):-
इससे मृदा का जलांश ज्ञात किया जाता है। मृदा में जलांश ज्ञात करने की सबसे परिशुद्ध विधि है। यह एक प्रयोगशाला विधि है। इस विधि में मृदा को 105° – 110°C तक सुखाया जाता है।
पिक्नोमीटर विधि (Pycnometer Method):-
इस विधि से मृदा का जलांश ज्ञात करने के लिए ठोस मृदा कणों का विशिष्ट गुरूत्व (Specific gravity) ज्ञात होना आवश्यक है। पिक्नोमीटर एक विशेष की कॉच की बोतल है, जिसके ऊपरी सिरे पर पीतल का एक शंक्वाकार ठक्कन लगा होता है। बोतल एवं ढ़क्कन के सन्धि स्थल पर एक धातु की चूड़ीदार टोपी व जोड़ को जलरोधी बनाने के लिए रबड़ की गास्केट लगी होती हैं। मानक पिक्नोमीटर का आयतन 1000 ml होता है। जलांश निकालने की यह विधि आर्कमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित हैं।
D. भट्ठी शुष्क विधि (Oven-dry Method):-
इससे मृदा का जलांश ज्ञात किया जाता है। मृदा में जलांश ज्ञात करने की सबसे परिशुद्ध विधि है। यह एक प्रयोगशाला विधि है। इस विधि में मृदा को 105° – 110°C तक सुखाया जाता है।
पिक्नोमीटर विधि (Pycnometer Method):-
इस विधि से मृदा का जलांश ज्ञात करने के लिए ठोस मृदा कणों का विशिष्ट गुरूत्व (Specific gravity) ज्ञात होना आवश्यक है। पिक्नोमीटर एक विशेष की कॉच की बोतल है, जिसके ऊपरी सिरे पर पीतल का एक शंक्वाकार ठक्कन लगा होता है। बोतल एवं ढ़क्कन के सन्धि स्थल पर एक धातु की चूड़ीदार टोपी व जोड़ को जलरोधी बनाने के लिए रबड़ की गास्केट लगी होती हैं। मानक पिक्नोमीटर का आयतन 1000 ml होता है। जलांश निकालने की यह विधि आर्कमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित हैं।