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Q: Which method of water-content determination, consists of drying a weighed moist sample of a soil at a controlled temperature for a period of 24 hours after which the dry weight of the sample is taken? जलांश निर्धारण की कौन सी मिट्टी के तौले गए नम नमूने को 24 घण्टे की अवधि के लिए नियंत्रित तापमान पर सुखाया जाता है जिसके बाद नमूने का सूखा वजन लिया जाता है-
  • A. Pycnometer method पिक्नोमीटर विधि
  • B. Rapid moisture dry method द्रुत नमीं सूखा विधि
  • C. Torsion balance moisture dry method टार्सन तुला नमीं सूखा विधि
  • D. Oven-drying method भट्ठी शुष्क विधि
Correct Answer: Option D - भट्ठी शुष्क विधि (Oven-dry Method):- इससे मृदा का जलांश ज्ञात किया जाता है। मृदा में जलांश ज्ञात करने की सबसे परिशुद्ध विधि है। यह एक प्रयोगशाला विधि है। इस विधि में मृदा को 105° – 110°C तक सुखाया जाता है। पिक्नोमीटर विधि (Pycnometer Method):- इस विधि से मृदा का जलांश ज्ञात करने के लिए ठोस मृदा कणों का विशिष्ट गुरूत्व (Specific gravity) ज्ञात होना आवश्यक है। पिक्नोमीटर एक विशेष की कॉच की बोतल है, जिसके ऊपरी सिरे पर पीतल का एक शंक्वाकार ठक्कन लगा होता है। बोतल एवं ढ़क्कन के सन्धि स्थल पर एक धातु की चूड़ीदार टोपी व जोड़ को जलरोधी बनाने के लिए रबड़ की गास्केट लगी होती हैं। मानक पिक्नोमीटर का आयतन 1000 ml होता है। जलांश निकालने की यह विधि आर्कमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित हैं।
D. भट्ठी शुष्क विधि (Oven-dry Method):- इससे मृदा का जलांश ज्ञात किया जाता है। मृदा में जलांश ज्ञात करने की सबसे परिशुद्ध विधि है। यह एक प्रयोगशाला विधि है। इस विधि में मृदा को 105° – 110°C तक सुखाया जाता है। पिक्नोमीटर विधि (Pycnometer Method):- इस विधि से मृदा का जलांश ज्ञात करने के लिए ठोस मृदा कणों का विशिष्ट गुरूत्व (Specific gravity) ज्ञात होना आवश्यक है। पिक्नोमीटर एक विशेष की कॉच की बोतल है, जिसके ऊपरी सिरे पर पीतल का एक शंक्वाकार ठक्कन लगा होता है। बोतल एवं ढ़क्कन के सन्धि स्थल पर एक धातु की चूड़ीदार टोपी व जोड़ को जलरोधी बनाने के लिए रबड़ की गास्केट लगी होती हैं। मानक पिक्नोमीटर का आयतन 1000 ml होता है। जलांश निकालने की यह विधि आर्कमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित हैं।

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भट्ठी शुष्क विधि (Oven-dry Method):- इससे मृदा का जलांश ज्ञात किया जाता है। मृदा में जलांश ज्ञात करने की सबसे परिशुद्ध विधि है। यह एक प्रयोगशाला विधि है। इस विधि में मृदा को 105° – 110°C तक सुखाया जाता है। पिक्नोमीटर विधि (Pycnometer Method):- इस विधि से मृदा का जलांश ज्ञात करने के लिए ठोस मृदा कणों का विशिष्ट गुरूत्व (Specific gravity) ज्ञात होना आवश्यक है। पिक्नोमीटर एक विशेष की कॉच की बोतल है, जिसके ऊपरी सिरे पर पीतल का एक शंक्वाकार ठक्कन लगा होता है। बोतल एवं ढ़क्कन के सन्धि स्थल पर एक धातु की चूड़ीदार टोपी व जोड़ को जलरोधी बनाने के लिए रबड़ की गास्केट लगी होती हैं। मानक पिक्नोमीटर का आयतन 1000 ml होता है। जलांश निकालने की यह विधि आर्कमिडीज के सिद्धान्त पर आधारित हैं।