Correct Answer:
Option D - मृदा मूल रूप से कार्बनिक तथा अकार्बनिक पदार्थों का मिश्रण है।
इंजीनियरिंग दृष्टि से मृदा असंघनित (Unconsolidated) अर्थात् ढीले (Loose) कणों का जमाव है। ये कण चट्टानों के भौतिक व रासायनिक अपक्षय के कारण बनते हैं तथा मृदा के निर्माण के दौरान इसमें कुछ वानस्पतिक पदार्थ भी मिल जाते हैं। मृदा के कण 80 mm से छोटे होते हैं, जिस प्रक्रिया के तहत मृदा बनती है पेडोजिनेसिस (Pedogenesis) कहलाती है।
मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा, महीनों या सालों में बदलती रहती है जिससे मृदा की Properties change हो जाती है।
D. मृदा मूल रूप से कार्बनिक तथा अकार्बनिक पदार्थों का मिश्रण है।
इंजीनियरिंग दृष्टि से मृदा असंघनित (Unconsolidated) अर्थात् ढीले (Loose) कणों का जमाव है। ये कण चट्टानों के भौतिक व रासायनिक अपक्षय के कारण बनते हैं तथा मृदा के निर्माण के दौरान इसमें कुछ वानस्पतिक पदार्थ भी मिल जाते हैं। मृदा के कण 80 mm से छोटे होते हैं, जिस प्रक्रिया के तहत मृदा बनती है पेडोजिनेसिस (Pedogenesis) कहलाती है।
मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा, महीनों या सालों में बदलती रहती है जिससे मृदा की Properties change हो जाती है।