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Q: Which is the factor that affect the compaction of soil, that when increased, the electrical double layer expands and the interparticle repulsive forces increase, resulting in higher dry density? वह कौन सा कारक है, जो मृदा के संहनन को प्रभावित करता है, जिसे बढ़ाने पर, विद्युत दोहरी परत फैलती है और अन्तकरणीय प्रतिकारक बल बढ़ जाते है जिसके परिणामस्वरूप शुष्क घनत्व अधिक होता है।
  • A. Amount of compaction/ संहनन की मात्रा
  • B. Water content/ जलांश
  • C. Method of compaction/ संहनन की विधि
  • D. Type of soil/ मृदा के प्रकार
Correct Answer: Option B - संहनन को प्रभावित करने वाले कारक निम्न है (a) जलांश (b) संहनन की मात्रा (c) मृदा का प्रकार (d) संहनन की विधि (e) अधिमिश्रण जलांश (Water Content) : मृदा के शुष्क घनत्व पर जल की मात्रा के प्रभाव को विद्युत दोहरी परत सिद्धान्त द्वारा समझा जा सकता है कम जलांश पर, अधिशोषित जल परत में आकर्षण बल अधिक होता है इसमें कणों की गति में अधिक प्रतिरोध होता है जैसे - जैसे पानी की मात्रा बढ़ती है, विद्युत दोहरी परत का विस्तार होता है और अंतरकण प्रतिकारक बल बढ़ जाता है, कण आसानी से एक दूसरे पर फिसलकर पैक हो जाते है। परिणाम स्वरूप शुष्क घनत्व बढ़ जाता है।
B. संहनन को प्रभावित करने वाले कारक निम्न है (a) जलांश (b) संहनन की मात्रा (c) मृदा का प्रकार (d) संहनन की विधि (e) अधिमिश्रण जलांश (Water Content) : मृदा के शुष्क घनत्व पर जल की मात्रा के प्रभाव को विद्युत दोहरी परत सिद्धान्त द्वारा समझा जा सकता है कम जलांश पर, अधिशोषित जल परत में आकर्षण बल अधिक होता है इसमें कणों की गति में अधिक प्रतिरोध होता है जैसे - जैसे पानी की मात्रा बढ़ती है, विद्युत दोहरी परत का विस्तार होता है और अंतरकण प्रतिकारक बल बढ़ जाता है, कण आसानी से एक दूसरे पर फिसलकर पैक हो जाते है। परिणाम स्वरूप शुष्क घनत्व बढ़ जाता है।

Explanations:

संहनन को प्रभावित करने वाले कारक निम्न है (a) जलांश (b) संहनन की मात्रा (c) मृदा का प्रकार (d) संहनन की विधि (e) अधिमिश्रण जलांश (Water Content) : मृदा के शुष्क घनत्व पर जल की मात्रा के प्रभाव को विद्युत दोहरी परत सिद्धान्त द्वारा समझा जा सकता है कम जलांश पर, अधिशोषित जल परत में आकर्षण बल अधिक होता है इसमें कणों की गति में अधिक प्रतिरोध होता है जैसे - जैसे पानी की मात्रा बढ़ती है, विद्युत दोहरी परत का विस्तार होता है और अंतरकण प्रतिकारक बल बढ़ जाता है, कण आसानी से एक दूसरे पर फिसलकर पैक हो जाते है। परिणाम स्वरूप शुष्क घनत्व बढ़ जाता है।