Correct Answer:
Option A - उप-सतही जल स्रोत: भूमि की सतह के नीचे का जल दो प्रमुख क्षेत्रों में होता है, असंतृप्त क्षेत्र और संतृप्त क्षेत्र।
वर्षा जल जो मृदा की संरध्रता के कारण रिसता हुआ अथवा भूमि की दरारों (Cracks),छिद्रों (Crevices) तथा फटान (Fissures) से घुसकर भूमि के अन्दर चला जाता है भूमिगत जल अथवा उपसतह स्रोत का जल कहलाता है।
जैसे, जलभृत, उत्स्रुत कूप, अंत: स्यंदन कूप, अंत:स्यंदन गैलरी आदि।
A. उप-सतही जल स्रोत: भूमि की सतह के नीचे का जल दो प्रमुख क्षेत्रों में होता है, असंतृप्त क्षेत्र और संतृप्त क्षेत्र।
वर्षा जल जो मृदा की संरध्रता के कारण रिसता हुआ अथवा भूमि की दरारों (Cracks),छिद्रों (Crevices) तथा फटान (Fissures) से घुसकर भूमि के अन्दर चला जाता है भूमिगत जल अथवा उपसतह स्रोत का जल कहलाता है।
जैसे, जलभृत, उत्स्रुत कूप, अंत: स्यंदन कूप, अंत:स्यंदन गैलरी आदि।