Correct Answer:
Option A - कुचिपुड़ी नृत्य आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य है। कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुति आमतौर पर तरंगम के साथ समाप्त होती है। इसी प्रस्तुति से कृष्ण-लीला-तरंगिणी के अंशो का गायन किया जाता है। इसमें नर्तक सामान्य तौर पर पीतल की प्लेट पर खड़ा होकर पैरों को शकटवादनम पाद में बंद कर देता है एवं निपुणता के साथ थाली को तालबद्ध रूप से गतिमय करता है।
A. कुचिपुड़ी नृत्य आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य है। कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुति आमतौर पर तरंगम के साथ समाप्त होती है। इसी प्रस्तुति से कृष्ण-लीला-तरंगिणी के अंशो का गायन किया जाता है। इसमें नर्तक सामान्य तौर पर पीतल की प्लेट पर खड़ा होकर पैरों को शकटवादनम पाद में बंद कर देता है एवं निपुणता के साथ थाली को तालबद्ध रूप से गतिमय करता है।