Correct Answer:
Option C - गुप्त वंश की स्थापना श्रीगुप्त (240–280 ई.) ने की थी। गुप्त वंश के शासकों में चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय, कुमार गुप्त आदि प्रमुख शासक हुए। सांस्कृतिक उपलब्धियों के कारण गुप्तकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण काल कहा जाता है। समुद्रगुप्त का दरबारी कवि हरिषेण था, जिसने इलाहाबाद प्रशस्ति लेख की रचना की थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय चीनी बौद्ध यात्री फाह्यान आया था। चन्द्रगुप्त के दरबार में संस्कृत भाषा के प्रसिद्ध कवि कालिदास, आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि, आर्यभट्टीयम और सूर्यसिद्धान्त ग्रंथ के लेखक आर्यभट्ट के अतिरिक्त वाराहमिहिर, बह्मगुप्त आदि प्रमुख विद्वान रहते थे।
C. गुप्त वंश की स्थापना श्रीगुप्त (240–280 ई.) ने की थी। गुप्त वंश के शासकों में चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय, कुमार गुप्त आदि प्रमुख शासक हुए। सांस्कृतिक उपलब्धियों के कारण गुप्तकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण काल कहा जाता है। समुद्रगुप्त का दरबारी कवि हरिषेण था, जिसने इलाहाबाद प्रशस्ति लेख की रचना की थी। चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय चीनी बौद्ध यात्री फाह्यान आया था। चन्द्रगुप्त के दरबार में संस्कृत भाषा के प्रसिद्ध कवि कालिदास, आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि, आर्यभट्टीयम और सूर्यसिद्धान्त ग्रंथ के लेखक आर्यभट्ट के अतिरिक्त वाराहमिहिर, बह्मगुप्त आदि प्रमुख विद्वान रहते थे।