Correct Answer:
Option C - राजगृह, अजातशत्रु के शासनकाल में पाटलिपुत्र से पहले मगध की राजधानी हुआ करती थी। उदायिन ने मगध की राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया था। राजगृह का अपना ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व है। यह महावीर स्वामी तथा गौतमबुद्ध का साधना स्थल रहा है, जिसके कारण यह दोनों धर्मों के लिए पूजनीय स्थल है। यहांr पर प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन अजातशत्रु के शासनकाल में महाकस्सप की अध्यक्षता में हुआ था। राजगृह पाँच पहाडि़यों (विपुलाचल, रत्नागिरी, उदयगिरी, स्वर्णगिरी, वैभवगिरी) से घिरा हुआ है।
C. राजगृह, अजातशत्रु के शासनकाल में पाटलिपुत्र से पहले मगध की राजधानी हुआ करती थी। उदायिन ने मगध की राजधानी राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया था। राजगृह का अपना ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व है। यह महावीर स्वामी तथा गौतमबुद्ध का साधना स्थल रहा है, जिसके कारण यह दोनों धर्मों के लिए पूजनीय स्थल है। यहांr पर प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन अजातशत्रु के शासनकाल में महाकस्सप की अध्यक्षता में हुआ था। राजगृह पाँच पहाडि़यों (विपुलाचल, रत्नागिरी, उदयगिरी, स्वर्णगिरी, वैभवगिरी) से घिरा हुआ है।