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Q: Which colour has the maximum deviation in the dispersion of white light passing through the prism ? प्रिज़्म द्वारा सफेद प्रकाश के परिक्षेपण में कौन-सा रंग अधिकतम विचलित होता है ?
  • A. Green/हरा
  • B. Red/लल
  • C. Violet/बैंगनी
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - प्रिज्म एक प्रकार का ऑप्टिकल त्रिभुजाकार पारदर्शी आकृति है, जो सपाट, पालिश सतहों के साथ पारदर्शी होता है। जब सफेद प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है तो वह अपने मूल सात रंगों (बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित होता है और त्रिभुज के आधार की ओर अपवर्तित होता है। प्रकाश का यह फैलाव उसकी तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करता है। जिस रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे कम होता है, उसका प्रकीर्णन सबसे ज्यादा तथा जिस रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे ज्यादा होता है, उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है। ध्यातव्य है कि बैंगनी रंग का तरंगदैर्घ्य कम होने के कारण उसका प्रकीर्णन अधिकतम होता है।
C. प्रिज्म एक प्रकार का ऑप्टिकल त्रिभुजाकार पारदर्शी आकृति है, जो सपाट, पालिश सतहों के साथ पारदर्शी होता है। जब सफेद प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है तो वह अपने मूल सात रंगों (बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित होता है और त्रिभुज के आधार की ओर अपवर्तित होता है। प्रकाश का यह फैलाव उसकी तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करता है। जिस रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे कम होता है, उसका प्रकीर्णन सबसे ज्यादा तथा जिस रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे ज्यादा होता है, उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है। ध्यातव्य है कि बैंगनी रंग का तरंगदैर्घ्य कम होने के कारण उसका प्रकीर्णन अधिकतम होता है।

Explanations:

प्रिज्म एक प्रकार का ऑप्टिकल त्रिभुजाकार पारदर्शी आकृति है, जो सपाट, पालिश सतहों के साथ पारदर्शी होता है। जब सफेद प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है तो वह अपने मूल सात रंगों (बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल) में विभाजित होता है और त्रिभुज के आधार की ओर अपवर्तित होता है। प्रकाश का यह फैलाव उसकी तरंगदैर्घ्य पर निर्भर करता है। जिस रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे कम होता है, उसका प्रकीर्णन सबसे ज्यादा तथा जिस रंग का तरंगदैर्घ्य सबसे ज्यादा होता है, उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है। ध्यातव्य है कि बैंगनी रंग का तरंगदैर्घ्य कम होने के कारण उसका प्रकीर्णन अधिकतम होता है।