Correct Answer:
Option C - राजराज प्रथम का प्रारम्भिक नाम अरूमोलिवर्मन था जो 985 ई. में गद्दी पर बैठा। राजराज प्रथम के एक लेख से यह सूचना मिलती है कि उसने कोल्लम, कोल्लदेश तथा कोण्डुगोलूर के राजाओं को पराजित किया तथा समुद्र के शासक से अपनी सेवा करवायी थी। केरल तथा पाड्य राज्यों को जीतने के पश्चात् राजराज अनुराधापुर को नष्ट कर दिया उसने स्वर्ण, रजत तथा ताँबे के सिक्के जारी किये। तंजौर अभिलेख से उसके सामरिक अभियानों का वर्णन प्राप्त होता है।
C. राजराज प्रथम का प्रारम्भिक नाम अरूमोलिवर्मन था जो 985 ई. में गद्दी पर बैठा। राजराज प्रथम के एक लेख से यह सूचना मिलती है कि उसने कोल्लम, कोल्लदेश तथा कोण्डुगोलूर के राजाओं को पराजित किया तथा समुद्र के शासक से अपनी सेवा करवायी थी। केरल तथा पाड्य राज्यों को जीतने के पश्चात् राजराज अनुराधापुर को नष्ट कर दिया उसने स्वर्ण, रजत तथा ताँबे के सिक्के जारी किये। तंजौर अभिलेख से उसके सामरिक अभियानों का वर्णन प्राप्त होता है।