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Q: Which artist has created the painting named 'Bharat Mata'? /किस कलाकार ने ‘भारत माता’ नामक चित्र का सृजन किया?
  • A. Kshitindra Nath Majumdar/क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार
  • B. Abanindra Nath Tagore/अवनीन्द्र नाथ टैगोर
  • C. Manjit Bawa/मनजीत बावा
  • D. Asit Sen/असित सेन
Correct Answer: Option B - सन् 1905 ई. में बंगाल विभाजन के विरूद्ध हुए आन्दोलन से प्रेरित होकर अवनीन्द्र नाथ टैगोर ने ‘भारत माता’ नामक चित्र बनाया। 1901-1905 ई. के दौरान बने चित्रों में ‘बिल्डिंग-ऑफ ताज’, ‘शाहजहाँ के अन्तिम दिन’ मुगल संयोजन रंगो व अलंकरण को प्रस्तुत करते हैं। ⇒ अवनीन्द्र नाथ टैगोर को बंगाल शैली तथा ‘वॉश पद्धति का पिता माना जाता है। ⇒ क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार बंगाल शैली के चित्रकार थे तथा इनके कला गुरू अवनीन्द्र नाथ टैगोर थे। इन्हें सन्त कलाकार के रूप में जाना जाता है। ⇒ मंजीत बाबा का जन्म-1941 ई. में पंजाब में हुआ था, ये कॉलेज ऑफ आर्ट नई दिल्ली से कला डिप्लोमा किया। मंजीत बाबा का प्रिय विषय ‘कृष्ण व गोपिया’ रही हैं।
B. सन् 1905 ई. में बंगाल विभाजन के विरूद्ध हुए आन्दोलन से प्रेरित होकर अवनीन्द्र नाथ टैगोर ने ‘भारत माता’ नामक चित्र बनाया। 1901-1905 ई. के दौरान बने चित्रों में ‘बिल्डिंग-ऑफ ताज’, ‘शाहजहाँ के अन्तिम दिन’ मुगल संयोजन रंगो व अलंकरण को प्रस्तुत करते हैं। ⇒ अवनीन्द्र नाथ टैगोर को बंगाल शैली तथा ‘वॉश पद्धति का पिता माना जाता है। ⇒ क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार बंगाल शैली के चित्रकार थे तथा इनके कला गुरू अवनीन्द्र नाथ टैगोर थे। इन्हें सन्त कलाकार के रूप में जाना जाता है। ⇒ मंजीत बाबा का जन्म-1941 ई. में पंजाब में हुआ था, ये कॉलेज ऑफ आर्ट नई दिल्ली से कला डिप्लोमा किया। मंजीत बाबा का प्रिय विषय ‘कृष्ण व गोपिया’ रही हैं।

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सन् 1905 ई. में बंगाल विभाजन के विरूद्ध हुए आन्दोलन से प्रेरित होकर अवनीन्द्र नाथ टैगोर ने ‘भारत माता’ नामक चित्र बनाया। 1901-1905 ई. के दौरान बने चित्रों में ‘बिल्डिंग-ऑफ ताज’, ‘शाहजहाँ के अन्तिम दिन’ मुगल संयोजन रंगो व अलंकरण को प्रस्तुत करते हैं। ⇒ अवनीन्द्र नाथ टैगोर को बंगाल शैली तथा ‘वॉश पद्धति का पिता माना जाता है। ⇒ क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार बंगाल शैली के चित्रकार थे तथा इनके कला गुरू अवनीन्द्र नाथ टैगोर थे। इन्हें सन्त कलाकार के रूप में जाना जाता है। ⇒ मंजीत बाबा का जन्म-1941 ई. में पंजाब में हुआ था, ये कॉलेज ऑफ आर्ट नई दिल्ली से कला डिप्लोमा किया। मंजीत बाबा का प्रिय विषय ‘कृष्ण व गोपिया’ रही हैं।