Correct Answer:
Option A - Corchorus की दो जातियाँ जैसे- C. Carpsularis & C. Oliotrious है जो टिलिऐसी फेमिली का सदस्य है इनका जन्मस्थान द. अफ्रीका व भारत माना जाता है। यह कपास के बाद दूसरी प्रमुख रेशे वाली फसल है।
जूट के रेशे से थैलो, रस्से, व बोरे बनाने के काम आता है।
A. Corchorus की दो जातियाँ जैसे- C. Carpsularis & C. Oliotrious है जो टिलिऐसी फेमिली का सदस्य है इनका जन्मस्थान द. अफ्रीका व भारत माना जाता है। यह कपास के बाद दूसरी प्रमुख रेशे वाली फसल है।
जूट के रेशे से थैलो, रस्से, व बोरे बनाने के काम आता है।